चित्तौडग़ढ़. बॉलीवुड की मशहूर पाश्र्व गायिका पलक मुछाल के अनुसार शौर्य व त्याग की भूमि चित्तौड़ में आकर उन्हें अपनेपन का अहसास होता है। यहां चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल में प्रस्तुति देने आई मूलत: प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादड़ी कस्बे की निवासी पलक ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यहां से उनकी बहुत पुरानी यादें जुड़ी हुई है। वह जब भी छोटीसादड़ी आती है तो चित्तौड़ आने की हमेशा मन में इच्छा रहेती है। प्रेम रतन धन पायो सहित बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में पाश्र्वगायन कर चुकी पलक ने कहा कि समय के साथ गानों के बोल भी बदलते हैं। आज से 20 साल पहले जो गानों के बोल थे वह आज नहीं है और जो आज है वह आने वाले 5 साल बाद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती है। संगीत वही है जो हर वर्ग को पसंद आए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजाबी गीतों की बहुत मांग है और वे भी कुछ पंजाबी एल्मब तैयार कर रही है।उन्होंने कहा कि वह बहुत जल्द अपनी ही एक राजस्थानी एल्बम निकालने वाली हैं क्योंकि राजस्थानी भाषा से उन्हें बहुत ज्यादा लगाव है।श्
गानों के बोल मेरे लिए अहम
पलक मुछाल ने कहा कि गानों की बोल उनके लिए बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। मैं उन गानों को गाना कतई पसंद नहीं करती हूं जिनके बोल स्तर हीन हो और जो लोगों को समझ ना आए। इसी कारण उन्होंने कुछ गाने छोड़े हैं





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