Breaking News
recent

बुजुर्ग सास, नेत्रहीन बहू, गुजर-बसर हुआ मुश्किल

दौसा. भले ही सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रखी है, लेकिन हकीकत में उनका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच ही नहीं पा रहा है।
ऐसा ही एक लाचार परिवार दौसा शहर के लालसोट रोड जिला अस्पताल में सामने गुजर-बसर कर रहा है, जिसमें बुजुर्ग विधवा सास व नेत्रहीन बहू व बिना बाप का छोटा बेटा सरकारी सहायता को मोहताज है। यहां तक की वे आसरा भी दूसरे की छत के नीचे लिए हुए हैं।
पिता-पुत्र की हो चुकी है मौत
जिला अस्पताल के सामने रह रहे इस परिवार की व्यथा सुन रूह कांप जाती है। साठ वर्षीय बुजुर्ग विधवा गुलाबदेवी बैरवा ने बताया कि उसके बेटे पूरण की चार वर्ष पहले मौत हो गई थी। बहू गीतादेवी की करीब 20 वर्ष पहले पुत्री के जन्म के समय आंखों की रोशनी चली
गई थी।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि दो वर्ष पहले पति नाथूलाल बैरवा भी गुजर गए। इसके बाद से ही परिवार में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। परिवार में उनका पौत्र रितिक है, जो अभी 9 वीं में पढ़ रहा है। उनको न तो बीपीएल में चयनित कर रखा है और ना ही खाद्य सुरक्षा सूची में नाम हैं। अधिकारियों के पास खूब चक्कर काट लिए, लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

बिजली व गैस कनेक्शन भी नहीं
जिला अस्पताल के सामने पड़ोस में रहने वाले धन्नालाल मीना ने बताया कि महिलाएं एक छोटे से कमरे में रह रही हंै, वह भी बुजुर्ग महिला की बेटी का है। इस मकान में न तो बिजली का कनेक्शन है और ना ही गैस चूल्हा मिला है। इनको अंधेरे में रात काटनी पड़ती है। बुजुर्ग महिला इधर-उधर से ईंधन के लिए टहनियां एकत्र कर लाती है, उसके बाद घर में खाना पकता है। कभी-कभी तो आस-पड़ोस से मांग कर काम चलाती है, लेकिन पड़ोसी भी रोज-रोज सहायता नहीं कर सकते हैं। कभी-कभी तो उनको भूखा ही सोना पड़ता है। बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह अपने घर पर ही आइसक्रीम के लिए बांस की सींक बनाती है, लेकिन इसमें भी दिनभर में 20-25 रुपए से अधिक मजदूरी नहीं मिलती है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.