चित्तौडग़ढ़। सदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में बुधवार आधी रात में दलित युवती की बिन्दौली पर पूडिय़ां व पत्थर फेंके गए। इसके बाद युवती के पिता का सिर फोड़ दिया और उसके दो भाइयों के हाथ तोड़ दिए गए। युवती के पिता को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लक्ष्मीपुरा गांव में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
लक्ष्मीपुरा गांव में बुधवार देर रात नाथूलाल भांबी की पुत्री देव कन्या का विवाह होने से उसकी बिन्दौली निकल रही थी। इसी दौरान गांव के ही आठ दस युवकों ने बिन्दौली पर पूडिय़ां और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। बिन्दौली में शामिल परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही युवकों ने दुल्हन के भाई रमेश (20) पुत्र नाथूलाल भांबी व शिवलाल (18) पुत्र नाथूलाल भांबी पर लाठियों से वार कर दिए, इससे दोनों के हाथों में फ्रेक्चर हो गए।
बिन्दौली में बग्गी चला रहे व्यक्ति के साथ भी युवकों ने मारपीट कर दी। इस दौरान हलवाई के पास बैठकर काम करवा रहे घर के मुखिया नाथूलाल (65) को सूचना मिली तो वे दौड़कर मौके पर आए और युवकों से समझाइश करने लगे, लेकिन युवकों ने उन पर भी लठ से प्राणघातक हमला कर दिया। हमले में नाथूलाल बुरी तरह घायल हो गए।
इस घटना से रात को लक्ष्मीपुरा गांव में माहौल खराब हो गया। बिन्दौली में शामिल कुछ युवकों ने हमलावरों में से दो युवकों की पिटाई कर दी। इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
नाथूलाल को उपचार के लिए सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ युवकों को हिरासत में लिया।
गुरुवार को सुबह पुलिस उप अधीक्षक माधोसिंह जाप्ते सहित लक्ष्मीपुरा पहुंचे और पीडि़त पक्ष के बयान दर्ज किए। इधर, इस घटनाक्रम को लेकर सर्व मेघवंशी महासभा ने नाराजगी जताई है।
महासभा के जिलाध्यक्ष बिहारीलाल सोलंकी व बुनकर समाज मेवाड़-मालवा अध्यक्ष मांगीलाल सोलंकी ने कहा कि आए दिन दलितों पर हो रहे अत्याचार अब सहन नहीं किए जाएंगे। यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो समाज आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्मीपुरा गांव में दलित की बिन्दौली पर हमला करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।





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