चित्तौडग़ढ़. शौर्य व त्याग की धरा चित्तौड़ दुर्ग पर विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ाने व देश के पर्यटन मानचित्र पर खास पहचान दिलाने के उद्देश्य से पहली बार जिला प्रशासन 10 से 12 फरवरी तक तीन दिवसीय चित्तौडग़ढ़ फोर्ट फेस्टिवल का आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन में पारम्परिक गौरवपूर्ण इतिहास व संस्कृति की झलक होगी तो लोककला के विभिन्न रंग भी बिखरेंगे। जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने मीडिया को इस आयोजन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य चित्तौड़ जिले में पर्यटन विकास के साथ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना है। विदेशी पर्यटकों का ठहराव होने का लाभ पर्यटन उद्योग को मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव में प्रतिदिन मेवाड़ी व राजस्थानी कला-संस्कृति से परिचित कराने वाले अलग-अलग तरह के आयोजन होंगे। महोत्सव में तीनों दिन दुर्ग के विभिन्न स्थलों पर सुबह ९ से शाम ६ बजे तक राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति के साथ हॉट एयर बैलून व पतंगबाजी का आयोजन होगा।
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महोत्सव के पोस्टर का विमोचन
चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल के पोस्टर का विमोचन भी बुधवार को किया गया। महोत्सव को लेकर चार अलग-अलग तरह के पोस्टर जारी किए गए। इनका विमोचन जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार, पुलिस अधीक्षक अनिल कायल, प्रशिक्षु आईएएस सुशील कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर दीपेन्द्रसिंह राठौड़, चन्द्रभानसिंह भाटी, जिला रसद अधिकारी ज्ञानमल खटीक, उपखण्ड अधिकारी सुरेश खटीक, यूआईटी सचिव सीडी चारण एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल ने किया।
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क्या हो सकते फोर्ट फेस्टिवल से लाभ
जिला कलक्टर के अनुसार राज्य में विभिन्न स्थानों पर इस तरह के महोत्सव आयोजन वहां पर्यटन विस्तार में अहम साबित हुए है। दुर्ग पर देशी के साथ विदेशी पर्यटकों का भी आगमन बढ़ऩे पर होटल-गाईड आदि को सीधे लााभ के साथ अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगाा। इससे चित्तौड़ दुर्ग की गौैरव गाथा से भी दुनिया के सभी क्षेत्रों के लोग परिचित हो सकेंगे।
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महोत्सव अवधि में विजयस्तभ खुलवाने का प्रयास
जिला कलक्टर ने बताया कि दुर्ग को खास पहचान देने वाले स्मारक विजय स्तम्भ को भी फोर्ट फेस्टिवल अवधि में खुलवाने के प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से बात हो रही है। केमिकल वॉश व रखरखाव कार्य के चलते विजय स्तम्भ को एक माह पूर्व ही ७० दिन के लिए बंद किया गया है।
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किस दिन होंगे क्या आयोजन
पहले दिन १० फरवरी के आयोजन
सुबह ९.३० बजे गोरा बादल स्टेडियम में विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया जाएगा। सुबह ९.४५ बजे यहां स्टेडियम में हस्तशिल्प मेले के उद्घाटन के साथ सुबह १० बजे दुर्ग के फतहप्रकाश संग्रहालय तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। सुबह १०.३० बजे गोरा बादल स्टेडियम में कुश्ती दंगल चित्तौडग़ढ़ केसरी का आगाज होगा। दुर्ग पर फतहप्रकाश प्रांगण में दोपहर १२.३० बजे विदेशी पर्यटकों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिता के साथ टेलेंट ऑफ चित्तौडग़ढ़ नाम से समूह नृत्य होगा। अश्व प्रतियोगिता दोपहर एक बजे से एवं शाम ७ बजे से गोरा बादल स्टेडियम में भारतीय लोकनृत्य आधारित सांस्कृतिक संध्या होगी। रात में आतिशबाजी भी की जाएगी।
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दूसरे दिन ११ फरवरी के आयोजन
महोत्सव के दूसरे दिन सुबह ८.३० बजे से मैराथन रन फॉर फोर्ट का आयोजन होने के बाद सुबह १०.३० बजे गोरा बादल स्टेडियम में कबड्डी प्रतियोगिता होगी। फतहप्रकाश प्रांगण में दोपहर १२.३० बजे से विदेशी पर्यटकों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिताओं के साथ टेलेंट ऑफ चित्तौडग़ढ़ के तहत एकल नृत्य होगा। शाम ७ बजे से स्टेडियम में चित्तौड़ की प्रतिभाओं द्वारा सांस्कृतिक संध्या व रात में आतिशबाजी होगी।
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तीसरे दिन १२ फरवरी के आयोजन
महोत्सव के अंतिम दिन बस्सी गांव में विदेशी पर्यटकों के लिए दोपहर १२.१५ बजे विलेज सफारी का आयोजन होगा। इसके बाद विदेशी मेहमानों के लिए पारम्परिक ग्रामीण भोजन मान-मनुहार होगा। शाम ६ बजे दुर्ग पर रतनसिंह तालाब पर दीपदान के बाद शाम ७ बजे से गोराबादल स्टेडियम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। महोत्सव समापन पर आतिशबाजी की जाएगी।





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