-बड़ी संख्या में उपयोग की गई इन्जेक्शन व ब्लड के सैम्पल खुले में पड़े हुए मिले
सादुलशहर. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आई है। चिकित्सालय परिसर में उपयोग किए गए इन्जेक्शन व नीडल खुले में पड़ी थी, जिससे चिकित्सकीय मानकों की खुलकर अवहेलना सामने आ रही है। गुरूवार को पूरे दिन चिकित्सालय परिसर में यह इन्जेक्शन व नीडल बायोवेस्ट पड़ा था।
चिकित्सालय प्रशासन इस विषय के प्रति जरा सा भी गम्भीर नहीं है कि अगर यह उपयोग की गई इन्जेक्शन किसी व्यक्ति के लग जाती है तो वह खतरनाक बीमारी की जद में आ सकता है। गुरूवार को चिकित्सालय परिसर में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में उपयोग की गई इन्जेक्शन व ब्लड के सैम्पल खुले में पड़े हुए मिले।
जबकि नियमों के मुताबिक इन्हें खुले में नहीं फेंका जा सकता। इसके लिए बकायदा चिकित्सा प्रशासन के पास नियमों की पालना के लिए कचरा पात्र भी हैं, लेकिन उनमें उपयोग किए गए इन्जेक्शन नहीं डाले गए, बल्कि खुले में फेंक दिए गए। अगर चिकित्सा विभाग ही नियमों के साथ जागरूकता से कार्य नहीं करेगा तो जनता के स्वास्थ्य का क्या होगा, यह चिंता का विषय है।
इस प्रकरण में बीसीएमओ डॉ. महेश गुप्ता का कहना है कि बायोवेस्ट फेंकने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैं दोपहर 2 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में था। नियमानुसार ऐसा होना नहीं चाहिए। अगर किसी ने बायोवेस्ट फेंका है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।





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