अलवर. रोडवेज बसों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे मॉनिटरिंग के अभाव में खराब पड़े हैं। जिससे रोडवेज बसों में निगरानी नहीं हो पा रही है। साथ ही रोडवेज की यह महत्वपूर्ण योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
रोडवेज के राजस्व में सेंध और बसों में होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए रोडवेज मुख्यालय की ओर से करीब ढाई साल पहले राज्यभर में करीब 2500 रोडवेज बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर ही एक निजी कम्पनी को बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने और उनकी मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया। जिले के अलवर, मत्स्य नगर और तिजारा आगार की कुछ बसों में भी सीसीटीवी कैमरा लगाए गए। इसके लिए बाकायदा तीनों आगारों में कंट्रोल रूम भी बनाए गए। जिसमें बैठकर कम्प्यूटर स्क्रीन पर बसों में सवारियों की स्थिति सहित अन्य गतिविधियों निगरानी रखी जा सके।
चार दिन निगरानी, अब वही पुराने ढर्रे पर
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के बाद कुछ माह तक तो रोडवेज बसों में निगरानी रखी गई, लेकिन धीरे-धीरे हालात वही पुराने ढर्रे पर आ गए। अब स्थिति यह है कि जिन भी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे वे सभी खराब पड़े हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए अनुबंधित कम्पनी की ओर से लगाए कर्मचारी भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
नए सिरे से होगी मॉनिटरिंग
रोडवेज बसों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। इसके पीछे वजह है कि जिस कम्पनी को बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनके रखरखाव का जिम्मा सौंपा गया। वह अच्छे से मॉनिटरिंग नहीं कर रही है। मार्च से दूसरी कम्पनी को ठेका दिया गया है। अब नए सिरे से बसों में सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
रामजीलाल मीणा,
मुख्य प्रबंधक, मत्स्य नगर आगार।





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