उदयपुर/ खरसाण. प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत किसानों को बैंक खाते से मिलने वाले भुगतान को लेकर उत्साहित क्षेत्रीय किसानों को सरकारी खामियों की मार झेलनी पड़ रही है। दस्तावेज के साथ ई-मित्र पहुंचने वाले किसानों के आवेदन भरने के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज ऑनलाइन खसरा नंबर नहीं मिल रहा है। इससे आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। समस्यावश किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
खामी को लेकर पूरे वल्लभनगर क्षेत्र के किसान चिंतित है। हमेशा की तरह योजना लाभ लेने के लिए वह ई-मित्र केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इधर, खरसाण ई-मित्र संचालक हितेश झालावत ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन भरते समय जमीनों का खाता नंबर डालने पर ऑनलाइन व्यवस्था में 'नो रिकॉर्ड फाउंडÓ बता रहा है। योजना के तहत लाभान्वित दावेदार आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, खाता संख्या के साथ आवेदन करने को तैयार हैं, पर तकनीकी खामी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चिंता इस बात की है कि योजना के तहत पहले आवेदन कर चुके किसानों को बीते रविवार को खाते में योजना की पहली किश्त के दो हजार रुपए मिल भी चुके हैं। इधर, योजना से जुड़े अधिकारियों की मानें तो योजना के तहत आवेदन करने की कोई तिथि निर्धारित नहीं है। गौरतलब है कि योजना के तहत किसानों को केंद्र सरकार की ओर से ६ हजार रुपए सालाना सहयोग दिया जा रहा है। इसका भुगतान किश्तवार आएगा।
भींडर ब्लॉक में दिक्कत
भींडर ब्लॉक में ऑनलाइन आवेदनों में तकनीकी दिक्कत आ रही है। प्रोग्रामर को इस बारे में सूचित किया है। जल्द ही समस्या को दूर कर आवेदनों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
किशनाराम , तहसीलदार, वल्लभनगर





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