परसरामपुरा के अस्पताल में डेंटल चेयर नहीं होने का खमियाजा उठा रहे रोगी
परसरामपुरा. कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डेंटल चेयर नहीं होने का रोगियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ होने के बावजूद दांतों से संबंधित बीमारियों का रोगियों को पूरा उपचार नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव का अस्पताल वर्ष 2013 में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत हुआ था।
इसी के साथ अस्पताल में दंतरोग विशेषज्ञ का पद भी स्वीकृत हुआ था। इस पद पर गत वर्तमान में डॉ. सुमन मीणा कार्यरत भी है। लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी अस्पताल में डेंटल चेयर उपलब्ध नहीं हो पाई है।
ऐसे में रोगियों को उपचार के लिए नवलगढ़ या सीकर जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. वीरेन्द्र कुमावत ने बताया कि डेंटल चेयर के अभाव में परेशानी तो होती ही है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। लेकिन समाधान नहीं हो पाया।
ये होता है फायदा
चिकित्सक डॉ. सुमन मीना ने बताया कि डेंटल चेयर व अन्य उपकरण से मरीजों का रूट केनाल, दांतों में मसाला भरना, दांत निकालना, दांतों की सफाई करना आदि उपचार किए जाते हैं।
डेंटल चेयर नहीं होने के कारण रोगियों को चिकित्सा सुविधाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए परसरामपुरा के साथ ही देवगांव, गोठड़ा, भोजनगर, टोंकछीलरी, ढेवा की ढाणी, गिरधरपुरा शाहपुरा, चारा का बास, चारण की ढाणी, पुजारी की ढाणी आदि आस-पास के गांवों से रोगी पहुंचते हैं।






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