पाली . पुलिस लाइन रोड शक्ति नगर में सीवर लाइन बिछाने के दौरान शुक्रवार को पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे हजारों लीटर पेयजल व्यथ बहा। शक्ति नगर में सीवर लाइन बिछाने के लिए बुलडोजर चालक सडक़ पर गड्ढ़ा खोद रहा था। चालक की लापरवाही के कारण पेयजल पाइप लाइन फूट गई, टेलीफोन केबल भी कट गई। फूटी पाइप लाइन से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहता रहा। लेकिन लाइन को दुरुस्त करने के लिए जलदाय विभाग के कार्मिक मौके पर नहीं पहुंचे।
सीवरेज पर एक नजर
नवम्बर 2015 में सीवर लाइन बिछाने व पेयजल पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। करीब 400 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 508 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसमें से अभी तक195 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पेयजल लाइन 650 किलोमीटर बिछाई जानी है, जिसमें से अभी तक 400 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा सकी है। कम्पनी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी अभी तक पूरा नहीं हुआ।
मौजूद नहीं रहते तकनीकि अधिकारी
सीवर लाइन बिछाने का काम आरयूआइडीपी के देखरेख में एलएण्डटी कम्पनी की ओर से किया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि पाइप लाइन बिछाने के लिए खड्डे खोदने के दौरान तकनीकि अधिकारी उपस्थित नहीं रहते। जिससे इस तरह की घटनाएं होती है। इससे पूर्व भी कई बार पाइप लाइन फूटने के मामले सामने आ चुके हैं।
नहीं देते ध्यान
सीवर व पेयजल लाइन बिछाना पाली शहर के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। लेकिन उसे पूरा करने में कई तरह की तकनीकि कमियां है। तकनीकी अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे तो कार्य बेहतर हो सकता है।
- विरेन्द्र सोलंकी, शक्ति नगर
कब होगा कार्य पूरा
सीवर व पेयजल लाइन का कार्य पिछले काफी समय से चल रहा है। कार्य के दौरान किसी तरह की तकनीकी कमी न रहे इसके लिए जरूरी है कि तकनीकि अधिकारी मौके पर रहे।
- नीरज भाटी, शक्ति नगर
खुली नहर से सता रहा हादसे का अंदेशा, अब मवेशी गिरा
पाली . शहर के बीच से गुजर रही खुली नहर हादसों का कारण बनी हुई है। गुरुवार को एक व्यक्ति स्कूटी सहित नहर में गिर गया तो शुक्रवार को एक मवेशी नहर में गिर कर चोटिल हो गया। दिनेश मेवाड़ा, राकेश कुमावत आदि ने मवेशी को बाहर निकाला। उनका कहना था कि सूचना पर भी नगर परिषद कार्मिक मौके पर नहीं पहुंचे। इधर, पार्षद किशोर सोमानानी व मोहम्मद आलम ने कहा कि इन्दिरा कॉलोनी से लेकर आदर्श नगर तक नहर खुली पड़ी है। जिससे गिरकर कई जने पूर्व में भी चोटिल हो चुके है। कई बार मांग करने के बाद भी दीवार की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर उचित कदम नहीं उठा रहे।





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