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यहां अब नहीं परेशान होना पड़ेगा मरीजों को

अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. नाथद्वारा वासियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अस्पताल में जांच, इलाज के लिए लम्बी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। राज्यपाल के आदेश पर उपशासन सचिव ने नाथद्वारा चिकित्सालय के लिए खासतौर पर आदेश कर 15 चिकित्सकों की सौगात दी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का गृह क्षेत्र होने तथा स्वयं यहां से विधायक होने पर नियुक्तियों को सीधे तौर पर उनके नाम से जोड़ा जा रहा है। गौरतलब है कि 200 बेड का यह अस्पताल लम्बे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा था। यहां 65 फीसदी से अधिक चिकित्सकों के पद रिक्त थे।


चार जिले से, 10 उदयपुर से लगाए
नाथद्वारा अस्पताल में जिन 15 चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है, उसमें चार राजसमंद जिले के ही हैं। जबकि 10 चिकित्सक उदयपुर से पदस्थापन कर नियुक्त किए गए हैं। एक एपीओ चिकित्सक की भी बहाली करते हुए उन्हें नाथद्वारा लगाया गया है।


एक वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सहित तीन विशेषज्ञ
लगाए गए चिकित्सकों में निश्चेतन, शिशु रोग विशेषज्ञ, गायनी सहित एक एमबी अस्पताल उदयपुर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी हैं।


यह पद थे रिक्त
नाथद्वारा के उपजिला चिकित्सालय में उपनियंत्रक सहित 52 पद स्वीकृत हैं। १ उपनियंत्रक, 6 वरिष्ठ विशेषज्ञ, 13 कनिष्ठ विशेषज्ञ, 14 चिकित्साधिकारियों सहित कुल 32 पद रिक्त थे। अब 15 चिकित्सकों की नियुक्ति होने से 70 फीसदी पद भर जाएंगे। जिसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिल सकेगा।


चर्चा में रहा डॉ. जोशी का नाम
नाथद्वारा चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति चर्चा का विषय बनी है। चर्चा रोचक इसलिए भी है क्योंकि यहां के स्थानीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का गृह क्षेत्र हैं। वह पहले भी नाथद्वारा के लिए विकास पुरुष की तरह देखे जाते रहे हैं, और अब नाथद्वारा अस्पताल के लिए पृथक से राज्यपाल का हवाला देकर शासन उपसचिव द्वारा निकाला गया आदेश सीधे तौर पर उनके नाम से ही जोड़ा जा रहा है।


साहब! यहां भी हो जाए करम
जिस तरह 12 फरवरी को उपशासन सचिव पारस चंद जैन ने एक आदेश जारी कर नाथद्वारा अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पूरी कर दी। उसी तरह आमेट, भीम, देवगढ़ और खमनोर के लोग भी चाहते हैं कि उनके अस्पतालों पर भी 'साहबÓका करम हो जाए। गौरतलब है कि जिले के आमेट में करीब 70 फीसदी, देवगढ़, भीम के चिकित्सालयों में 75 फीसदी चिकित्सकों की कमी है। जिससे मरीजों को उपचार के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ता है।


इन्हें लगाया नाथद्वारा अस्पताल में
चिकित्सक यहां से लगाया
डॉ. सरोज पारीक (निश्चेतन) जिला चिकित्सालय चांदपोल उदयपुर
डॉ. ललित मोहन (शिशु रोग) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बडग़ांव उदयपुर
डॉ. चंदनमल जैन (वरिष्ठ चिकित्साधिकारी) एमबी अस्पताल, उदयपुर
डॉ. दिव्यांशु शर्मा (चिकित्साधिकारी) पीएचसी धनेरिया, राजसमंद
डॉ. पवन कुमार सैनी (चिकित्साधिकारी) पीएचसी सेवंतरी, राजसमंद
डॉ. मस्तराम मीणा (चिकित्साधिकारी) पीएचसी समीचा, राजसमंद
डॉ. नवीन कुमार (चिकित्साधिकारी) पीएचसी गजपुर, राजसमंद
डॉ. अनिल कुमार (चिकित्साधिकारी) पीएचसी सरेरा, उदयपुर
डॉ. हनुमान सहाय (चिकित्साधिकारी) पीएचसी सागवाड़ा, उदयपुर
डॉ. सिंटू कुमावत (चिकित्साधिकारी) पीएचसी खेरवाड़ा, उदयपुर
डॉ. पुष्कर लाल मीणा (चिकित्साधिकारी) पीएचसी बेडावल, उदयपुर
डॉ. मोहसिन खान तंवर (चिकित्साधिकारी) पीएचसी अलसीगढ़, उदयपुर
डॉ. मोनिका (चिकित्साधिकारी) पीएचसी बडगांव, उदयपुर
डॉ. हितेश पूर्बिया (चिकित्साधिकारी) पीएचसी बरोडा, उदयपुर
डॉ. पवन धारीवाल (गायनी) निदेशालय से आदेशों की प्रतिक्षा से



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