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‘आसमां से टपका, खजूर पर अटका’, साल बीता पर दर्द नहीं मिटा, दिखावे के नाम पर सरिए और भुगत रहे राहगीर

पाली। ‘आसमां से टपका, खजूर पर अटका’ ये कहावत मंडिया रोड स्थित बांडी नदी के पुलिया पर सटीक बैठती है। बांडी नदी पर बना ये पुलिया बारिश के बाद से ही राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पहले तो बारिश के दौरान ये पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया, तो लोगों ने इसके पुनर्निर्माण की मांग उठाई। काफी महीनों बाद जब पुलिया निर्माण का कार्य शुरू हुआ तो लोगों में आस जगी कि उन्हें अब राहत मिल जाएगी। लेकिन, वह आस तब धरी रह गई, जब यहां जिम्मेदारों ने पुलिया पर महज पिलर उठाकर काम बंद कर दिया। आज आलम ये है वाहन चालक पुलिया के पास ही नदी में बने ऊबड़-खाबड़ मार्ग से गुजरने को मजबूर है।

दरअसल, मंडिया रोड पर बांडी नदी पुलिया के इस पार जहां शहर आबाद है तो उस पार शेखों की ढाणी के साथ ही मंडिया गांव, भांवरी, रूपावास, कुलथाना आबाद है। इसके साथ ही ये पुलिया जोधपुर बाइपास तथा जालोर मार्ग को भी जोड़ता है। इन गांव-शहरों को जोडऩे का माध्यम ये पुलिया ही है। पिछली साल आई बारिश में ये पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों की मांग पर जिम्मेदारों ने इसका तखमीना बनवाया था। सार्वजनिक निर्माण विभाग से टेंडर जारी होने के बाद यहां निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। लेकिन, आलम ये है कि पिछले ल बे समय से पुलिया का कार्य ठप पड़ा है। ऐसे में राहत की आस दूर की कौड़ी बनी हुई है।

वैकल्पिक राह पर हादसे का अंदेशा
जब इस पुलिया का कार्य शुरू हुआ तो बांडी नदी में ही वैकल्पिक राह शुरू हुई थी। लेकिन, दिन-रात इस ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर दौडऩे वाले पानी के टैंकरों के कारण यहां फिसलन सी हो गई है, जिससे आए दिन दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। वहीं वैकल्पिक मार्ग ऊंचा-नीचा होने से कई बार कपड़े के थान व लकडिय़ों से भरे टेम्पो भी यहां पलटी खा चुके हैं। बावजूद इसके पुलिया निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने में जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं।

महीनों से झेल रहे परेशानी
पुलिया टूटा तब से ही हम परेशानी झेल रहे है। हर छोटे-मोटे काम के लिए शहर में जाना पड़ता है। लेकिन, पुलिया
का काम पूरा नहीं होने से परेशानी से दो-चार होना पड़ रहा है। -इकरामुद्दीन, क्षेत्रवासी

जिम्मेदार नहीं ले रहे रुचि
बांडी नदी पर बने पुलिया निर्माण के मामले में जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। पुलिया का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में मजबूरन नदी में बने हादसेकारित मार्ग से गुजरना पड़ रहा है। -बिरजू मोहन, क्षेत्रवासी

आखिर हमें कब मिलेगी मुक्ति
बांडी नदी पर पुलिया परेशानी का सबब बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी तो राहगीरों को उठानी पड़ रही है। जिनके लिए तो कोई राह ही नहीं बची है। उन्हें भी नदी से होकर सफर तय करना पड़ता है। -आमिर खान, शेखों की ढाणी



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