जिम्मेदारों की लापरवाही से वंचितों के लिए सपना ही रह जाएगा अपना आशियाना
आवास और भूखंड के आवेदन जमा के लिए इंतजार करते रहे ग्रामीण : बाड़मेर में तीन ग्राम पंचायतों के लगे मिले ताले
जिम्मेदारों को ग्रामीणों ने फोन किया तो बोले, शनिवार था आवेदन का आखिरी दिन
बाड़मेर . जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रति जिम्मेदारों की लापरवाही वंचितों के सपनों पर वज्रपात कर रही है। योजना के सर्वे में वंचित परिवारों को जोडऩे के लिए सरकार ने 23 व 24 फरवरी को जिले भर में ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन कर वंचित परिवारों के आवेदन जमा करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रभारी भी नियुक्त किए गए। पर रविवार को जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में मनमर्जी नजर आई। कहीं आवेदक सुबह से शाम तक आवेदन जमा करवाने के लिए चक्कर निकालते रहे और कहीं पंचायतों के ताले नहीं खुले। पत्रिका टीम ने रविवार को शहर के नजदीकी ग्राम पंचायतों का जायजा लिया तो ये हालात नजर आए।
दो दिन होना था काम
राज्य सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों के पट्टा विहीन को आबादी भूमि के पट्टे, भूखंडहीन को भूखंड आवंटित सहित प्रधानमंत्री आवास के आवदेन जमा करने के निर्देश दिए थे। यह कार्य 23 व 24 फरवरी सबंधित ग्राम पंचायत में किया जाना था। लेकिन कार्मिकों ने अपनी मनमर्जी से रविवार को छुट्टी मनाई।
फिर वंचित रह गए ग्रामीण
पूर्व में आशियाने से वंचित लोगों को इस बार उम्मीद जगी थी। इस कारण सुबह से शाम तक आवेदकों की भीड़ उमडऩे लगी। लेकिन कार्मिकों की उदासीनता के चलते रविवार को ग्रामीणों के आवेदन जमा नहीं हुए।
दो दिन का समय दिया
&आवेदन जमा करवाने के लिए दो दिन का समय था। जब जिम्मेदारों को फोन किया तो जवाब मिला कि शनिवार ही आखिरी दिन था। - मांगीलाल
सुबह से बैठे
&आवेदन जमा करवाने के लिए सुबह से बैठे इंतजार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत पर तो ताले लगे हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही। - सगरती
कोई काम नहीं हुआ
&कल आए तो पूरी जानकारी नहीं मिली। रविवार को फिर आए हैं, लेकिन आज कार्यालय बंद है। वंचित थे, अब जिम्मेदारों ने वंचित कर दिया। - बदामी देवी
परेशान हो गए
&ग्रामीणों के आवेदन जमा करने की दो दिन की जानकारी हमें दी थी। इसलिए हम रविवार को यहां आए हैं, लेकिन यहां ताले लगे हैं। - हंजु देवी





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