जीणमाता धाम में तिबारा निर्माण को लेकर फिर उलझे पुजारी व संघ के प्रमुख
बत्तीसी संघ का नहीं होने दिया पुजारियों ने निर्माण, 25 फरवरी को होगी बैठक
पचलंगी. जीणमाता में बत्तीसी संघ के पचलंगी, बाघोली, जोधपुरा, पापड़ा सहित राणासर के संघ के प्रमुखों की ओर से धाम में तिबारा निर्माण के कार्य को लेकर मंगलवार को पुजारियों व संघ के प्रमुखों में नहीं बनी सहमति। संघ के शक्ति सिंह बाघोली ने बताया की पूर्वजों के द्वारा बनाए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवासों को तोडऩे के बाद संघ के श्रद्धालुओं को ठहरने में बड़ी असुविधा रहती है। संघ के प्रमुख कल्याण सिंह तंवर राणासर ने बताया की निर्माण कार्य को लेकर प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी सहमति नहीं बनी। मंगलवार को सचिव किशोर लाल शर्मा, रोहिताश गुर्जर, शक्ति सिंह बाघोली, राजेश मीणा जोधपुरा, बलबीर सिंह मुरारी लाल मीणा,सम्पत सिंह, बलबीर सिंह उपसरपंच बाघोली, विजय सिंह शेखावत, सुरेन्द्र सिंह शेखावत सराय सहित उपस्थित संघ के सैकड़ों लोगों ने तिबारा निर्माण कार्य शुरू करने पर अड़े रहे बत्तीसी संघ के प्रमुखों की सूचना पर दांतारामगढ़ उपखण्ड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, ग्रामीण सीओ सीकर रामेश्वर परिहार, रानोली थाना अधिकारी महेन्द्र कुमार मीणा मौके पर पहुंच कर मंदिर व संघ के सदस्यों में सहमति बनाने का प्रयत्न किया। लेकिन मामला बैठा नहीं प्रशासन ने अगली वर्ता 25 फरवरी को रखी।
नहीं बनी सहमति, अब निर्णय 25 को
पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता कर समझाइस की एवं दोनों पक्षों को आधी - आधी राशि खर्च कर विश्राम स्थल का निर्माण करने के साथ कई प्रस्ताव रखे। लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनी मामले का कोई हल नहीं होने के कारण प्रशासन ने वार्ता का 25 फरवरी का समय रखा।
वन विभाग की भूमि के कारण विवाद
जीण माता मंदिर के आस -पास की जमीन वन विभाग की है। जिस पर कई धर्मशाला बनी हुई है लेकिन संघ के लोगों का कहना है कि हमारा तो निर्माण पहले से था। हम तो जीर्णोद्धार कर रहे है।






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