लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
धार्मिक स्थल व मंदिरों के संरक्षण, संवद्र्धन, वाद- विवाद निस्तारण के लिए राज्य सरकार द्वारा पहले ही उपखंड स्तरीय समिति गठित है। इसके बावजूद नाथद्वारा उपखंड प्रशासन ने तहसीलदार के नेतृत्व में नई कमेटी गठित कर दी और एक बैठक भी आयोजित कर ली। नई कमेटी की सूचना जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद तत्कालीन कलक्टर ने सरकार स्तर से गठित कमेटी के द्वारा ही कार्रवाई के निर्देश दिए। इस तरह नाथद्वारा उपखंड प्रशासन द्वारा न सिर्फ राज्य सरकार के आदेशों को दरकिनार कर दिया, बल्कि जिला प्रशासन व ग्रामीणों को भी गुमराह करने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार शासन उप सचिव द्वारा 7.12.2009 जारी आदेश के मुताबिक राज्यपाल की आज्ञा से अराजकीय मंदिरों/ धार्मिक स्थलों के प्रबंधन एवं वांछनीय उचित व्यवस्था करने के लिए तहसील व उपखंड स्थायी समिति गठित की। समिति में उपखंड अधिकारी अध्यक्ष, तहसीलदार उपाध्यक्ष, अभियंता, विद्युत अभियंता, एसआई या एएसआई को सदस्य तथा देवस्थान के सहायक आयुक्त को सदस्य सचिव (समन्वयक) बनाया गया है। इसके बावजूद उपखंड अधिकारी नाथद्वारा निशा द्वारा तहसीलदार को अध्यक्ष नियुक्त करते हुए नई कमेटी का गठन कर दिया, जिसमें पुलिस, विद्युत, पीडब्लूडी, देवस्थान विभाग के प्रतिनिधियों के साथ गांव के लोगों को सदस्य बना दिया गया। समिति में गांव के भोपा व कतिपय लोगों को शामिल करने पर ग्रामीणों ने कलक्टर व एसडीएम को ज्ञापन देकर आपत्ति भी दर्ज कराई कि तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित समिति में जिन दो लोगों को सदस्य बनाया है, उनके विरुद्ध कई शिकायतें दर्ज है। तहसीलदार की अध्यक्षता वाली समिति की शिशोदा में प्रस्तावित भी कर दी, मगर तत्कालीन जिला कलक्टर श्यामलाल गुर्जर ने समिति को अवैध करार देते हुए राज्य सरकार स्तर से गठित स्थायी समिति को ही वैध बताते हुए उसे ही सक्रिय करने के निर्देश दिए। उसके बाद तहसीलदार की अध्यक्षता वाली समिति निष्क्रीय हो गई, मगर उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति की कोई बैठक ही नहीं हो पाई है।
सम्पत्ति सूचीबद्ध करने की तैयारी
शिशोदा के श्री क्षेत्रपाल भैरूजी मंदिर की चल, अचल सम्पत्ति को सूचीबद्ध कर मंदिर को प्रशासन के अधीन लेने के लिए एसडीएम निशा ने तहसीलदार, भू अभिलेख निरीक्षक व पटवारियों को निर्देश दिए गए। फिर भी दो सप्ताह बाद भी इस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। प्रशासन की टालमटोल प्रवृत्ति को लेकर ग्रामीणों ने मौजूदा कलक्टर को भी शिकायत की है।
नए सिरे से होगी कार्रवाई
उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में स्थायी समिति पहले से है। इसलिए मेरी अध्यक्षता वाली समिति वाली समिति कार्य नहीं करेगी। पूर्व जिला कलक्टर द्वारा नई समिति को निष्क्रीय के निर्देश दिए और इसीलिए बैठक भी निरस्त करनी पड़ी। अब उपखंड अधिकारी द्वारा शिशोदा मंदिर की सम्पत्ति सूचीबद्ध कर प्रशासन के अधीन लेने की कार्रवाई नए सिरे से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अब उसी अनुसार कार्रवाई करेंगे।
अशोक कुमार शाह, तहसीलदार नाथद्वारा
जल्द कार्रवाई के निर्देश
शिशोदा मंदिर को लेकर अब तक जो भी कार्रवाई हुई। इसको लेकर एसडीएम को बुलाकर जो भी उचित होगा, उसी अनुरुप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अरविंद कुमार पोसवाल, जिला कलक्टर





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