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कला में रुचि और खोला विज्ञान संकाय, अब नामांकन शून्य

रोहिड़ा. आमतौर पर सुनने में आता है कि विद्यार्थी हैं लेकिन शिक्षकों की कमी है। लेकिन वासा गांव के आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्थिति उलट नजर आ रही है। यहां पर कहने को तो उच्च माध्यमिक विद्यालय है लेकिन इस सत्र में 11वीं व 12वीं का नामांकन शून्य है। ऐसा नहीं कि इस गांव में इन कक्षाओं के विद्यार्थी नहीं है, समस्या यह है कि इस विद्यालय को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया तब कला संकाय की जगह विज्ञान संकाय खोल दिया। एक-दो साल तो विद्यार्थियों ने यहां प्रवेश लिया लेकिन परीक्षा परिणाम अनुकूल नहीं रहने के कारण यहां के विद्यार्थियों और अभिभावकों का विज्ञान संकाय के प्रति मोहभंग हो गया। इस सत्र में सभी विद्यार्थियों ने कला संकाय में प्रवेश की इच्छा जाहिर की लेकिन यहां कला संकाय शुरू नहीं किया गया। फलस्वरूप सभी विद्यार्थियों ने यहां टीसी लेकर पड़ौस के गांव रोहिड़ा में प्रवेश ले लिया। अब वासा क्षेत्र से काफी संख्या में विद्यार्थी कला व वाणिज्य वर्ग में अध्ययन के लिए रोहिड़ा और सरूपगंज जा रहे हैं। इनमें काफी संख्या में छात्राएं भी है।
स्टाफ है, विद्यार्थी नहीं
वासा का आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नियमानुसार प्रधानाचार्य, व्याख्याता व अन्य सभी संसाधन हैं लेकिन बस नहीं हैं तो ग्यारवी और बारहवीं कक्षा में विद्यार्थी। अभिभावकों के अनुसार पिछड़े क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय में कला संकाय की आवश्यकता थी। लेकिन खोल दिया विज्ञान वर्ग। जिसके प्रति यहां के विद्यार्थियों में रुझान नहीं है। यहां के विद्यार्थी व अभिभावक विज्ञान संकाय को कठिन मानते हैं, जिसके चलते परीक्षा परिणाम भी अच्छा नहीं रह रहा है।
कई बार उठाई मांग
वासा के ग्रामीणों व विद्यालय प्रशारसन ने वस्तुस्थिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजकर कला संकाय शुरू करवाने की मांग की गई है लेकिन परिणाम सिफर ही रहा है। इस विद्यालय में पर्याप्त कक्षा-कक्ष, पूरा स्टाफ व संसाधन से परिपूर्ण है लेकिन कला संकाय नहीं होने से सब बेमानी साबित हो रहा है।
यह है स्थिति
वासा के आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल 243 विद्यार्थी है। नवीं कक्षा में 30 व दसवीं कक्षा में 15 छात्राएं है। जबकि 11वीं व 12वीं में नामाकंन शून्य है। उच्च माध्यमिक विद्यालय के नोट्स के अनुसार प्रधानाचार्य भी कार्यरत है। 11वीं व 12वीं में विद्यार्थी शून्य होने से यहां कार्यरत एक व्याख्याता को सनवाड़ा के विद्यालय एक द्वितीय श्रेणी के अध्यापक को मांडवाड़ा देव के विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।

इनका कहना है...
विद्यालय में कला संकाय की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। यहां के विद्यार्थियों का रुझान विज्ञान विषय नहीं होने से प्रवेश नहीं लिया है।
नारायणलाल पुरोहित, प्रधानाचार्य, आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वासा (सिरोही)



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