अलवर. जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को सरकारी खाना नहीं मिल पा रहा है।
ठेकाकर्मियों की हड़ताल के चलते तीन दिन से अस्पताल की सरकारी रसोई में ताला लटका हुआ है और खाना नहीं बन रहा है। मजबूरन मरीजों को पैसा खर्च कर बाहर से खाना लाकर पेट भरना पड़ रहा है।
राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, जनाना अस्पताल और शिशु अस्पताल में भर्ती मरीजों को सरकार की ओर से सुबह-शाम नि:शुल्क खाना दिया जाता है। मरीजों का खाना तैयार करने के लिए सामान्य अस्पताल परिसर में सरकारी रसोई स्थापित की हुई है। जिसमें खाना बनाने के लिए ठेके के कर्मचारी लगाए हुए हैं।
ठेका कर्मियों की हड़ताल के चलते मंगलवार से रसोई के कर्मचारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं। जिसके कारण सरकारी रसोई पर ताला लगा हुआ है और मरीजों के लिए खाना नहीं बन पा रहा है।
रोजाना 120 मरीजों का खाना और बच्चों का दूध
अस्पताल की सरकारी रसोई काम करने वाले ठेकेदार के कर्मचारी दीपक ने बताया कि अस्पताल की सरकारी रसोई में रोजाना करीब 120 मरीजों के लिए दाल-रोटी बनती है। जिसे वार्ड में भर्ती मरीजों को दिया जाता है। वहीं, शिशु अस्पताल में भर्ती कुपोषित बच्चों के लिए तीन-चार लीटर दूध दिया जाता है। ठेकाकर्मियों की हड़ताल के कारण मंगलवार से रसोई बंद पड़ी है।
लावारिस व जरुरतमंद के लिए व्यवस्था
ठेकाकर्मियों की हड़ताल के कारण मंगलवार से अस्पताल की सरकारी रसोई बंद पड़ी है। जिससे रसोई में मरीजों के लिए खाना नहीं बन पा रहा है। लावारिस और जरुरतमंद मरीजों के खाने के लिए नर्सिंग छात्रावास की कैंटीन से व्यवस्था की गई है।
- डॉ. भगवान सहाय, पीएमओ, सामान्य अस्पताल, अलवर।





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