चित्तौडग़ढ़. जीते तो हुए सेवा में कई लोग संलग्न रहते है लेकिन कुछ लोग दुनिया से विदा होने के बाद भी नश्वर काया सेवा के लिए छोड़ पीडि़त मानवता के काम आते है। चित्तौडग़ढ़ शहर के कपड़ा बाजार निवासी अभयकुमार चौपड़ा भी उन लोगों में शामिल हो गए है जिन्होंने जीवन की समाप्ति के बाद भी अपनी काया मानव सेवा के लिए सौंप दी। पूर्व बैंक अधिकारी चौपड़ा का निधन हो जाने के बाद परिजनों ने मंगलवार शाम निवास से अंतिम यात्रा निकालने के बाद उनका पार्थिव शरीर पंचतत्वों में विलीन करने की बजाय पूर्र्व में की गई देहदान की घोषणा के अनुसार मानव सेवा के लिए आचार्य श्रीतुलसी ब्लड फाउण्डेशन को सौंप दिया। गम के माहौल में अंतिम यात्रा में शामिल लोग मानवता की सेवा के लिए इस अनुकरणीय कार्य की सराहना करते दिखे। चौपड़ा ने पिछले वर्ष मार्च माह में पुलिस उप महानिरीक्षक प्रसन्नकुमार खमेसरा व तत्कालीन जिला कलक्टर इन्द्रजीतसिंह की मौजूदगी में इस फाउण्डेशन के माध्यम से ही देह दान की घोषणा की थी। चौपड़ा के निधन के बाद उनकी पार्र्थिव देह सुरक्षित रखने के लिए डीफ्रीज भी भिजवाया गया। फाउण्डेशन के अध्यक्ष सुनील ढीलीवाल ने बताया कि पार्थिव देह को पूर्र्व में हुई घोषणा के अनुसार ही भीलवाड़ा के मेडिकल कॉलेज के एनॉटोमी विभाग को सौंपने के लिए भिजवाया गया।
निरन्तर आगे आए लोग देहदान के लिए
चित्तौडग़ढ़ जिले में आचार्य तुलसी ब्लड फाउण्डेशन, लॉयंस क्लब आदि संगठनों की प्रेरणा से लोग देहदान का संकल्प लेने आगे आ रहे है। पिछले एक वर्ष में जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने देहदान की घोषणा की है। देहदान की घोषणा करने वालों में बुर्जुगों के साथ महिला व युवा वर्ग भी पीछे नहीं है।
देह सौंपते समय आंखे हुई नम
चौपड़ा के पार्र्थिव शरीर को उनके परिजन व प्रियजन कंधा देते हुए मोक्षधाम तक लाए। यहां पार्र्थिव देह आचार्य तुलसी ब्लड फाउण्डेशन के प्रतिनिधियों को सौंपते समय सभी की आंखे नम हो गई। देह को फाउण्डेशन की एम्बुलेंस में रखा गया। संस्था के संस्थापक सुनील ढीलीवाल, संस्था के देहदान विभाग के जिलाध्यक्ष ओम औदिच्य, देव शर्मा, ओम जैन, अतुल चीपड़, हरदीप कौर आदि प्रतिनिधियों ने परिजनों का साधुवाद जताया। अध्यक्ष ढीलीवाल के अनुसार पार्थिव देह भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एनॉटोमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.पूजा गंगारेड़ व चिकित्सक टीम को सौंपी गई।





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