Breaking News
recent

जरूरतमंदों की भूख मिटाने की महती योजना को लगा अनदेखी का घुन

सवाईमाधोपुर. गरीब व जरूरतमंदों की भूख मिटाने की महती योजना सरकारी उदासीनता और अनदेखी का शिकार है। दरअसल केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से गरीब व असहाय लोगों के भरण-पोषण के लिए सेवा भोज योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते जिले में यह योजना करीब पांच माह बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। ऐसे में जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह है योजना : केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से गरीब व असहाय लोगों के भरण-पोषण के लिए गत वर्ष सेवा भोज योजना की शुरूआत की गई थी। इसके तहत एनजीओ के माध्यम से जिले में प्रतिदिन 300 लोगों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाना था।


यह थी शर्तें
जिले में इस योजना का क्रियान्वयन एनजीओ के माध्यम से किया जाना था। इसके लिए एनजीओ का आयकर विभाग व नीति आयोग से पंजीकृत होना, एनजीओ को तीन साल का अनुभव होना अनिवार्य था।


फाइल ही गुम हो गई
योजना के लिए करीब पांच माह पूर्व जिले के एक एनजीओ ने जिला कलक्टर को योजना के संचालन का प्रस्ताव भेजा था। एनजीओ के संचालक विनोद मीणा ने आरोप लगाया कि पांच माह बाद अब तक प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका है। बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की हद तो यह है कि कार्यालय में अब फाइल ही नहीं मिल रही है।


सर्वे का काम भी अटका
संबंधित एनजीओ की ओर से जिले भर में गरीबों व जरूरत मंद लोगों को चिह्नित करने के लिए सर्वे कार्य शुरू कराया गया था इसके तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंदों का चयन कर सूची भी तैयार की गई थी, लेकिन अब फाइल ही नहीं मिलने से योजना अटक गई है।

हमने पांच माह पूर्व योजना के तहत प्रस्ताव कलक्ट्रेट भिजवाया था, लेकिन वहां फाइल को गुम कर दिया गया। ऐसे में मामला अटका हुआ है।
विनोद मीणा, एनजीओ संचालक, सवाईमाधोपुर


मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। अभी जयपुर में हूं। सोमवार को इसके बारे में जानकारी कराई जाएगी।
लक्ष्मीकांत कटारा, उपखण्ड अधिकारी, सवाईमाधोपुर



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.