जैसलमेर/लखा/झिनझिनयाली. स्वाइन फ्लू की रोकथाम तथा जन जागरुकता के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे की ओर से किए जा रहे दावों के विपरीत सीमावर्ती जैसलमेर जिले में इसका कहर लगातार बढ़ रहा है। आए दिन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों के सामने आने के बीच शुक्रवार को जिले के भाडली गांव निवासी की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। इस मरीज का उपचार जोधपुर में चल रहा था। मृतक शिक्षक था। इन सूचनाओं के चलते शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भय व्याप्त हो रहा है। दहशत फैल गई है। एक जानकारी के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू के चलते अब तक सात जनों की जान जा चुकी है जबकि 20 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए हैं।
जोधपुर में हुई मौत
झिनझिनयाली क्षेत्र के भाडली निवासी अशोक कुमार (35) पुत्र ताराराम को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया था। जिसे उपचार के लिए जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गत 26 जनवरी को मरीज को झिनझिनयाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के तौर पर टेमी फ्लू देकर रेफर किया गया। तीन दिन तक बाड़मेर में उपचार के बाद मरीज को परिजन उपचार के लिए जोधपुर ले गए। जहां जाँच में वह स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया। वहां तीन दिन तक चले इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
चिकित्सा टीम ने मौके पर स्क्रीनिंग की
भाडली निवासी की मौत के बाद झिनझिनियाली चिकित्साधिकारी ओम घांसील के नेतृत्व में टीम ने मौके पर जाकर स्क्रीनिंग कर जाच की। शुक्रवार को पीएचसी पर मरीजों की भारी भीड़ नजर आई। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले में स्वाइन फ्लू के चलते 7 जनों की मौत हो चुकी है तथा 20 से अधिक रोगी पॉजिटिव पाए गए हैं।
भाडली में एएनएम का पद रिक्त
इस बीच यह जानकारी सामने आ रही है कि भाडली में एएनएम का पद पिछले लम्बे अर्से से रिक्त चल रहा है। समय रहते स्वाइन फ्लू पर काबू नहीं पाया जाता है तो समूचे बसिया क्षेत्र में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। छोटी-बड़ी मौसमी बीमारियों के लिए ग्रामीणों को 120 किलोमीटर दूर जैसलमेर अथवा 100 किलोमीटर दूरी तय कर बाड़मेर जाना पड़ता है। कहने को तो झिनझिनियाली में पीएचसी है लेकिन वहां स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किसी प्रकार के उपकरण नहीं है। लखा पंचायत क्षेत्र ग्रेनाइट जॉन होने के बावजूद यहां स्तरीय सरकारी चिकित्सा की सुविधा नहीं है।
मौके पर पहुंच रहा हूं
भाडली निवासी की स्वाइन फ्लू से जोधपुर में मौत की सूचना मिलने के बाद वहां मेडिकल टीम भिजवाई गई है। मैं स्वयं मौके पर पहुंच रहा हूं।
- डॉ. बीएल बुनकर, सीएमएचओ, जैसलमेर
जागरुकता के लिए विद्यालयों में चलेगा अभियान
- चिकित्साकर्मियों के अवकाश निरस्त
जैसलमेर. इधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे ने अब स्वाइन फ्लू के संबंध में जागरुकता के लिए विद्यालयों में विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. बुनकर ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार जिले में 4 फरवरी से चिकित्सकों एवं विभागीय कार्मिक अपने कार्यक्षेत्र के विद्यालयों में प्रार्थना सभा में उपस्थित होकर विधार्थियों को स्वाइन फ्लू के संबंध में आवश्यक सावधानी बरतने के संबंध में जानकारी देंगे। सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों, मेल नर्स एवं एएनएम द्वारा विद्यार्थियों को सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार व मौसमी बीमारियों से बचाव व उपचार के संबंध में आवश्यक परामर्श प्रदान किया जायेगा। डॉ. बुनकर ने बताया कि जिले में कार्यरत आशाओं के माध्यम से घर-घर जाकर मौसमी बीमारियों के कैसेज का सर्वे कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में सभी चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के अवकाश पहले ही निरस्त कर दिए गए हैं।





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