Breaking News
recent

दशहत में जीने को मजबूर हैं यहां के लोग..घर के बाहर निकलने से पहले भी सोचते हैं सौ बार...

कोटा. सरस्वती कॉलोनी के बाद अब रेलवे यार्ड क्षेत्र में पैंथर जैसे बड़े वन्यजीव का मूवमेंट देखा जा रहा है। गुरुवार को सरस्वती कॉलोनी में रखे पिंजरे को उठाकर रेलवे यार्ड क्षेत्र में लगा दिया गया। उप वन संरक्षक जोधराज सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह आरपीएफ कंट्रोल रूप में सूचना मिली थी कि रेलवे यार्ड के पास झाडि़यों में पैंथर जैसा बड़ा वन्यजीव देखा है। सूचना पर सुबह टीम मौके पर पहुंची और रेलवे कर्मचारियों से जानकारी ली। इसमें सामने आया कि वन्यजीव के शरीर पर धारियां हैं और पैंथर जैसा ही नजर आया। टीम ने क्षेत्र का जायजा किया, लेकिन कोई वन्यजीव नहीं दिखा।

उदयपुर से बुलाया एक्सपर्ट
इससे पहले लगातार सूचनाओं के बावजूद पैंथर को नहीं पकड़ पाने के बाद अब उदयपुर के सतनाम सिंह को कोटा भेजा गया है। सतनाम कई पैंथर ट्रंकोलाइज कर चुके हैं। उनके अनुुभव को देखते हुए कोटा भेजा है। वे विभाग की टीम के साथ ट्रेकिंग कर नजर आने पर पैंथर को ट्रंकोलाइज करेंगे।

इधर..एक सप्ताह से बाघ टी-98 हुआ लापता

सुल्तानपुर. क्षेत्र में रणथम्भौर से भटककर सुल्तानपुर वन क्षेत्र में पहुंचे बाघ टी-98 का 7 दिन से कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। वनकर्मी वन क्षेत्र में ट्रेकिंग के नाम पर पदचिन्हों की तलाश कर रहे हैं लेकिन बाघ का न तो कहीं कोई निशान मिल रहा न ही कोई शिकार। ऐसे में वन्यजीव प्रेमियों में मायूसी है। इस बीच बाघ क ी कोई लोकेशन पता नहीं चलने पर सहायक वन संरक्षक तरुण मेहरा ने टाइगर प्रोजेक्ट विभाग को पत्र लिखकर टाइगर ट्रेकिंग में एक्सपर्ट लोगों को भेजकर मदद करने का आग्रह किया है। वन विभाग की 4-4 सदस्यों की कुल 4 टीमें प्रतिदिन जंगलों में बाघ के पगमार्क तलाश रहे हैं।


हो सकता है लौट गया

एसीएफ मेहरा ने बताया कि सुल्तानपुर क्षेत्र में चम्बल नदी किनारे को छोड़ कुल 423 हैक्टेयर क्षेत्र में जंगल फैला हुआ है। नियमित ट्रेकिंग की जा रही है। सात दिन से बाघ टी-98 के न तो कोई पगमार्क मिले न ही कोई शिकार किया हुआ मिला। संभव है बाघ जिस रास्ते से आया उसी रास्ते रणथम्भौर लौट गया है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.