विष्णु शर्मा
परसरामपुरा. इसे देश के प्रति जज्बा ही कहेंगे। गांव का एक युवा भले ही खुद सेना में भर्ती नहीं हो सका। लेकिन उसका हौंसला कायम है। वह गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके लिए अभ्यर्थियों को सहयोग कर उनका मनोबल बढ़ा रहा है।
गांव परसरामपुरा के करणीराम ने बताया कि वह सेना भर्ती में शामिल होने के लिए पहली बार वर्ष 2011 में गया था। उस दौरान दौड़ में उत्तीर्ण नहीं हो सका। इसके कुछ दिनों बाद ही उसके शारीरिक परेशानी हो गई। ऐसे में वह अन्य किसी सेना भर्ती में शामिल नहीं हो पाया। लेकिन उसी दिन से उसने मन में ठान लिया कि वह गांव के युवाओं को सेना भर्ती में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।
तब से वह किसी ना किसी तरह से युवाओं को सेना भर्ती के लिए प्रेरित कर रहा है। हाल ही में सरदारशहर में हुई सेना भर्ती में शामिल होने वाले सभी युवाओं को उन्होंने प्रेरित करते हुए अपनी ओर से टीशर्ट प्रदान की। साथ ही जिन युवाओं के पास कोई साधन नहीं था उनको भर्ती स्थल तक पहुंचाने के निशुल्क वाहन की भी व्यवस्था की। उसकी ओर से किए जा रहे इस कार्य की हर कोई सराहना कर रहा है। उसके सहयोग से अब तक गांव व आस-पास के क्षेत्र के करीब बीस से अधिक युवा विभिन्न पदों पर नौकरी लग चुके हैं। सरदारशहर में हुई भर्ती रैली में उसकी ओर से तैयार किए नौ युवाओं ने फिजीकल परीक्षा उत्तीर्ण की है।
खुद के खर्चे पर बनवाया ट्रेक
सेना की तैयारी करने वाले युवाओं को दौड़ में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए करणीराम ने पिरोवाली जोहड़ी की सफाई करवाकर और ट्रैक्टर चलवाकर खुद के खर्चे पर ट्रेक भी बनवाया है। इस ट्रेक का सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवा फायदा उठा रहे हैं। करणीराम ने बताया कि गांव में पहले सेना भर्ती को लेकर युवाओं में कम रुझान था। लेकिन जब से उन्होंने प्रेरित करना शुरू किया है तब से हर सेना भर्ती रैली में गांव के दर्जनों युवा शामिल होने के लिए जाते हैं।
जरुरतमंद बच्चों की भी कर रहा मदद
करणीराम जरुरतमंद बच्चों की भी मदद कर रहा है। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं हो इसके लिए वह जरुरतमंद बच्चों को आर्थिक रूप से सहयोग करता है। इसके अलावा उन्होंने राबामावि में बैडमिन्टन का खेल मैदान भी बनवाकर दिया है।





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