भीलवाड़ा।
उद्यान विभाग की ओर से किसानों को ग्रीन हाउस पर दी जा रही 50 प्रतिशत अनुदान राशि में भी बड़ा गोलमाल खेल हो रहा है। खास बात यह है कि सरकार ने ग्रीन हाउस में इस्तेमाल होने वाले जीआइ पाइप की लम्बाई वर्गमीटर में व वजन भी तय है। इसके बावजूद सप्लाई करने वाली कम्पनी व विभाग के अधिकारी केवल वर्गमीटर के आधार पर बिल बना रहे हैं। इस गोलमाल से किसान अंजान है, क्योंकि विभाग बिल का भुगतान सीधे कम्पनी को करता है।
पत्रिका ने कुछ फाइलों का सर्वे किया तो सामने आया कि इनमें जीआइ पाइप के वजन का उल्लेख नहीं है। फाइल का भौतिक सत्यापन करने वाले अधिकारी उप निदेशक कृषि (आत्मा) से जानकारी ली गई तो वे भी अंजान थे कि जीआइ पाइप का वजन भी आता है।
अधिकारी का कहना था कि पाइप का सत्यापन उद्यान विभाग के सहायक निदेशक करते हैं। वे तो केवल फाइल को जांचकर मौके पर ग्रीन हाउस कितने वर्गमीटर में लगा है, इसकी जानकारी कर सत्यापन करते हैं। इस मामले में उद्यान विभाग जयपुर में एक अधिकारी से सम्पर्क किया गया तो उनका कहना था कि हर पाइप का वजन सारणी में दिया गया है, लेकिन उसके आधार पर अधिकारी जानबूझकर सत्यापन नहीं करते हैं।
इन फाइलों में नहीं है वजन का उल्लेख
भूणास (सहाड़ा) के नारायणलाल सालवी, बीगोद की गीतादेवी खटीक, दौलतराम खटीक, खायड़ा (सुवाणा) निवासी मानसिंह धानका, बराणा (आसीन्द) निवासी कमलेशकुमार पारीक, गल्यावड़ी (रायपुर) निवासी रामेश्वरलाल जाट, होड़ा (मांडलगढ़) निवासी भैरूंलाल गुर्जर तथा अमरगढ़ के विजय भाम्बी ने ग्रीनहाउस के लिए आनुदान की फाइल लगाई है। करीब 2016 वर्गमीटर क्षेत्रफल में लगे ग्रीन हाउस में प्रत्येक पर लगभग 18 लाख रुपए व्यय हुए हैं। योजना के आधार पर 70 प्रतिशत के आधार पर लगभग 12.46 लाख रुपए का अनुदान बनता है। इन सभी फाइलों में कम्पनी ने 2016 वर्गमीटर पाइप का 890 रुपए प्रति वर्गमीटर के आधार पर बिल बनाकर पेश किया है। बिल में केवल पाइप के नाम हैं। वजन अंकित नहीं है।
11 फाइलें आई, उनमें हैं खामियां
ग्रीन हाउस की 11 फाइलें सत्यापन के लिए आई है। इनमें कुछ खामियां हैं। मुख्य रूप से बिल केवल वर्गमीटर के आधार है। जीआइ पाइप में वजन का उल्लेख नहीं है। नियमानुसार वजन होना आवश्यक है। इसकी जानकारी करने के बाद ही फाइल कलक्टर को भेजी जाएगी।
इन्द्रसिंह संचेती, उप निदेशक कृषि (आत्मा)





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