कई सालों से दुकानदारों की ओर से चली आ रही थी मांग
श्रीगंगानगर. आबकारी विभाग ने नए सत्र में जिले में चल रही विषम परिस्थिति को देखते हुए देशी शराब कारोबारियों को लुभाने को पचास यूपी (नीलीा ढक्कन) की शराब उठाव का प्रतिशत 40 से 20 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके चलते दुकानदार अब लाल ढक्कन की चालीस यूपी की शराब का उठाव 80 प्रतिशत तक कर सकेंगे। शराब कारोबारियों की ओर से यह मांग कई सालों से चली जा रही थी। इसके चलते शराब कारोबारी देशी की दुकानें उठाने में पिछले हटने लगे थे।
सहायक आबकारी अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में देशी शराब का कारोबार करने वाले दुकानदार व ठेकेदारों को 50 यूपी की शराब का चालीस प्रतिशत तथा चालीस यूपी की शराब का साठ प्रतिशत उठाव करना पड़ता था। इसके चलते कारोबारियों की मांग थी कि पचास यूपी की देशी शराब का उठाव प्रतिशत कम किया जाए। यह लोगों को कम ही पसंद आती है और बिक्री कम होती है। शराब कारोबारियों की यह मांग लंबे समय से चली आ रही थी। आबकारी आयुक्त ने जिले में शराब दुकानों के आवेदनों को लेकर बन रही विषम परिस्थितियों को देखते हुए अब पचास यूपी की देशी शराब का उठाव प्रतिशत आधा कर दिया है। जहां दुकानदारों को पहले चालीस प्रतिशत शराब का उठाव करना पड़ता था लेकिन अब वे बीस प्रतिशत ही उठा सकेंगे। इसके चलते चालीस यूपी की देशी शराब का अब अस्सी प्रतिशत उठाव कर सकेंगे।
ये अंतर है देशी की लाल व नीले ढक्कन शराब में
- आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि देशी की शराब में एक शराब नीले ढक्कन की आती है, जिसमें पचास प्रतिशत यूपी होता है। इसमें स्प्रीट में पचास प्रतिशत पानी मिलाया जाता है। जबकि लाल ढक्कन की शराब में 60 प्रतिशत स्प्रीट व 40 प्रतिशत पानी होता है। लाल ढक्कन की शराब नीले ढक्कन की देशी शराब से तेज होती है। जिले में नीले ढक्कन की हल्की शराब को लोग कम पसंद करते हैं, जबकि लाल ढक्कन की ज्यादा बिकती है। इसके चलते दुकानदारों व शराब कारोबारियों को नीले ढक्कन की शराब चालीस प्रतिशत उठाव होने के कारण परेशानी होती थी और उसको खपाना टेडा काम था।





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