जैसलमेर/पोकरण. क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ चली आंधी से क्षेत्र के किसानों को खासा नुकसान हुआ है तथा खेतों में खड़ी रबी की फसल में खराबा होने से उपज पर असर पड़ेगा। गौरतलब है कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में करीब 3000 से अधिक नलकूूप है। जिन पर इन दिनों रबी की फसल लहलहा रही है। रायड़े, जीरे व अरण्डी की फसल पर अब पकने लगी है। ऐसे में सोमवार को तेज हवाओं व आंधी के कारण पौधों के आपस में टकरा जाने से रायड़े व जीरे की फसल में खासा नुकसान हुआ है। जीरे, अरण्डी व रायड़े के पौधे तेज हवा के कारण जमीन पर धराशायी हो गए है। उन पर लगे फूल व फलियां भी टूटकर जमीन पर गिर जाने से फसल की उपज पर असर पड़ेगा। किसानों ने बताया कि गत एक पखवाड़े में दो-तीन बार चली तेज आंधी व हवाओं के कारण 20 से 30 प्रतिशत उपज कम होने की आशंका जताई जा रही है।
पेयजल को तरस रहे ग्रामीण
पोकरण. ग्राम पंचायत राजगढ़ के भिणाजपुरा स्थित गांधीखां की ढाणी में पेयजल की कोई सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। सिकंदर जंज व सम्मेखां पन्नू सहित ग्रामीणों ने बताया कि ढाणी में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उन्हें 500 रुपए देकर ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार जलदाय विभागाधिकारियों से मांग की गई, लेकिन उनकी ओर से गांव में हेण्डपंप खुदवाने, जीएलआर, टांके का निर्माण करवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रास्ता खुलवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन
पोकरण. कस्बेवासियों ने जिला कलक्टर को एक ज्ञापन प्रेषित कर सूधलाई से साधोलाई तालाब जाने वाले मार्ग पर कथित तौर पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। कस्बेवासियों ने बताया कि सुधलाई तालाब से साधोलाई तालाब मार्ग पर कुछ लोगों की ओर से अतिक्रमण कर रास्ता रोक दिया गया है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। गत दिनों पटवारी की ओर से यहां पैमाइश भी की गई।





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