सेंट लूसिया : तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में दो टेस्ट हार चुके इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट के पहले दिन अच्छी शुरुआत करते हुए पहले दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट के नुकसान पर 231 रन बना लिए। पहले दिन जोस बटलर (67) और बेन स्टोक्स (62) नाबाद बल्लेबाज रहे। विंडीज की ओर से कीमो पाल ने दो विकेट लिए तो अल्जारी जोसेफ और शैनन गैब्रियल को एक-एक विकेट मिला। लेकिन इस मैच में एक दिलचस्प वाक्या देखने को तब मिला, जब आउट होने के बाद बेन स्टोक्स को मैदान छोड़ने के बावजूद उन्हें दोबारा बल्लेबाजी करने के लिए क्रीज पर बुला लिया गया। वह भी तब, जब उनका स्थान लेने के लिए उनकी जगह जॉनी बेयरेस्टो क्रीज पर पहुच चुके थे। ऐसा क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है। बता दें कि इस मैच में विंडीज कप्तान होल्डर पर एक मैच का बैन लगने के बाद कार्लोस ब्रेथवेट कप्तानी कर रहे हैं। ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के बदले नियम की वजह से हुआ।
ये है पूरा माजरा
इंग्लैंड की पारी का 70वां ओवर चल रहा था। विंडीज की ओर से अल्जारी जोसेफ यह ओवर फेंक रहे थे। ओवर की अंतिम गेंद उन्होंने शॉर्ट फेंकी, जिस पर पुल करने की कोशिश में बेन स्टोक्स का मिस टाइम शॉट गेंदबाज जोसफ के हाथ में जाकर समा गया। इसके बाद स्टोक्स ड्रेसिंग रूम चले गए और उनकी जगह जॉनी बेयरेस्टो क्रीज पर पहुंच गए। तब तक स्टोक्स ने 88 गेंद पर 52 रन बनाए थे। इस बीच तीसरे अंपायर ने टीवी रिप्ले देखकर मैदानी अंपायर को बताया कि यह नो बॉल थी। इसके बाद अंपायर ने तुरत बेयरेस्टो को वापस भेज दिया और ड्रेसिंग रूम से वापस स्टोक्स को मैदान में बुलाया। इस ऐतिहासिक जीवनदान का फायदा उठाकर बेन स्टोक्स दिन का खेल खत्म होने तक मैदान पर डटे रहे और पांचवें विकेट के लिए जोस बटलर के साथ मिलकर 124 रनों की साझेदारी कर डाली और इंग्लैंड को संकट से निकाल लिया। इससे पहले इंग्लैंड 107 रनों पर 4 विकेट खोकर मुसीबत का सामना कर रही थी।
इस नए नियम ने बचाया
क्रिकेट में ऐसा नियम था कि अगर कोई बल्लेबाज किसी भी वजह से क्रीज छोड़कर (रिटायर्ड हर्ट के अलावा) मैदान से बाहर चला जाता है तो उसे वापस नहीं बुलाया जा सकता। लेकिन अप्रैल 2017 में क्रिकेट का नियम बनाने वाली संस्था मेलबोर्न क्रिकेट क्लब ने इस नियम यानी क्रिकेट आचार संहिता की धारा 31.7 में संशोधन कर दिया। संशोधन के अनुसार गलतफहमी में बल्लेबाज के विकेट छोड़ देने पर अंपायर अगर चाहे तो उसे वापस बुला सकता है। यह नया नियम अक्टूबर 2017 से लागू कर दिया गया था। इसी संशोधन में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों में टेलीविजन रिप्ले की मौजूदगी जरूरी है। इस नियम के अनुसार अगर यह मानता है कि किसी बल्लेबाज को आउट नहीं दिया गया है और वह गलतफहमी में बाहर चला है तो दखल देकर उक्त खिलाड़ी को वापस बुला सकता है और उस गेंद को डेड बॉल करार देगा। लेकिन आखिरी बल्लेबाज की स्थिति में यह थोड़ा मुश्किल है। अगर अंपायर ने भी मैदान छोड़ दिया है तो फिर बल्लेबाज को वापस बुलाना मुश्किल है। हालांकि यह नियम अक्टूबर 2017 से लागू है, लेकिन इस नियम के मुताबिक किसी बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापस बुलाने का यह पहला मामला है।





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