प्रतापगढ़़। राज्य सरकार के कर्जमाफी शिविरों के बावजूद किसानों की कर्ज की चिंता अभी मिटी नहीं है। कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने शुक्रवार को कुएं में लटक कर आत्महत्या कर ली। घटना जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थित बसाड़ गांव की है। किसान ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मुझे पता है कि खुदा मुझे माफ नहीं करेगा, लेकिन अब यह कदम उठाना मेरी मजबूरी है।
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार बसाड़ निवासी अब्दुल गनी (58) कुएं पर नमाज पढऩे जाने की बात कहकर दोपहर में घर से निकले थे। थोड़ी देर बाद उसका पुत्र हमीद अपनी मां के साथ कुएं पर पहुंचा। वहां उसे कुएं पर रस्सी लटकी दिखाई दी। उसने कुएं में झांककर देखा तो उसके पिता ही रस्सी लटके मिले। हमीद ने चिल्लाकर आस पास खेत में काम कर रहे लोगों को बुलाया और अब्दुल को बाहर निकला और पुलिस को सूचना दी। उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
नमाज पढऩे के लिए निकले थे घर से
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में हमीद ने बताया कि उसके पिता अब्दुल गनी घर से खाना खा कर नमाज पढऩे की बोलकर घर से निकल थे। इसके बाद खेत पर अपने पिता को कुंए में रस्सी से लटकर देख अपने परिजनों को जानकारी देकर उन्हें बाहर निकाला। पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार मृतक के जेब से सुसाइड नोट मिला है।
उसमें कर्ज के बोझ तले दबे होने की बात कही गई है। साथ में यह भी लिखा कि मुझे पता है कि मुझे खुदा माफ नहीं करेगा। लेकिन यह मेरी मजबूरी है। परिजनों ने बताया कि किसान अब्दुल की गत दिनों खेत में खड़ी फसल जल गईथी। तब से वह परेशान थे। पिछले पन्द्रह दिन से गुमसुम रहने लगे थे। ग्रामीण बैंक से उन्होंने लोन ले रखा था।





No comments:
Post a Comment