जयपुर/शाहपुरा।
अवन्तीपोरा में आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack 2019) के बाद पूरे प्रदेश में पाकिस्तान और आतंकवादियों के प्रति आक्रोश हैं। शहीदों के घर मातम पसरा है तो जगह-जगह शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र के गांव गोविन्दपुरा बासड़ी के सपूत रोहिताश लाम्बा (Jaipur Martyr Rohitash Lamba) की शहादत के बारे में परिजनों को शुक्रवार शाम 5 बजे तक जानकारी नहीं दी गई थी। प्रशासन ने दिनभर उनसे यह जानकारी छिपाए रखी। शाम को जब जवान रोहिताश की शहादत की मिली तो परिजनों में कोहराम मच गया।
शहीद के पिता बाबूलाल, मां घीसी देवी की आंखों से रुलाई फूट पड़ी। पिता को एक तरफ बेटे की शहादत पर गर्व है तो आतंकी हमले में खोने का दर्द भी। पिता ने कहा कि बहुत हो गया, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए। रोहिताश पांच भाई-बहिनों में सबसे बड़े थे। 2012 में उन्हें सीआरपीएफ में नौकरी मिली थी।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में राजस्थान के 5 जवान भी शामिल हैं। शहीद जवानों का नाम नारायण लाल गुर्जर (राजसमन्द), जीतराम गुर्जर (भरतपुर), हेमराज मीणा (कोटा), रोहिताश लाम्बा (जयपुर) और भागीरथ (धौलपुर) है। शहीद होने की खबर मिलते ही जवानों के घर में मातम पसर गया।
पापा बोल कर गए थे कि अच्छे से पढ़ाई करना और बड़े होकर पुलिस बनना
कोटा। शहीद हेमराज के छह साल के बेटे ऋषभ उर्फ रिशु की बात सुन कर तो मौके पर मौजूद हर किसी का सीना गर्व से फूल गया। ऋषभ ने कहा कि पापा बोल कर गए थे कि अच्छे से पढ़ाई करना और बड़े होकर पुलिस बनना। देखना मैं अपने पापा का सपना कैसे पूरा करता हूं। पुलिस बनूंगा और बंदूक चलाकर पापा पर हमला करने वाले सारे आतंकवादियों को मारूंगा। बड़े बेटे अजय ने प्रधानमंत्री से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि मैं बड़ा होकर मिलिट्री में जाऊंगा। पापा कह कर गए थे कि मेरे जैसा ही बनना।





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