सूरतगढ़ थर्मल.
निर्माण प्रक्रिया के अंतिम चरण में चल रही सूरतगढ़ थर्मल की 660-660 मेगावाट की सातवीं आठवी सुपर क्रिटिकल इकाईयो में काम कर रहे मजदूरों को पिछले चार माह से मजदूरी भुगतान नही होने से गुरुवार को मजदूरों ने कार्य बहिष्कार किया तथा हड़ताल रखी । वे निर्माण स्थल स्थित भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) कार्यालय के आगे धरने पर बैठे।
श्रमिको ने बताया कि सुपर क्रिटिकल इकाईयो में निर्माण कार्य करने वाले दर्जनों मजदूरों को निर्माण कम्पनी पॉवर मेक ने पिछले चार माह से मजदूरी भुगतान नही किया है। जिसके कारण श्रमिको के खाने के लाले पड़ गए हंै।
सूरतगढ़ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि मजदूरों को पिछले चार माह से मजदूरी का भुगतान नही किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मजदूर तो घर परिवार के सहयोग से गुजर बसर कर रहे है लेकिन अन्य प्रदेशों से आये मजदूरों की हालत दयनीय हो गई है।
शर्मा ने बताया कि इसके अलावा वर्षो से काम कर रहे श्रमिको की मजदूरी से हर माह कम्पनियो की ओर से सीपीएफ की राशि काटी जा रही है लेकिन मजदूरों को उनके सीपीएफ राशि की जानकारी उपलब्ध नही करवाई जा रही है।
नही लागू होता समझौता
मजदूर नेता रामनरायण मेघवाल ने बताया कि श्रमिको की समस्याओं एवम मजदूरी को लेकर जब जब हड़ताल हुई है। तब तब उत्पादन निगम और भेल प्रशासन ने माह की 10 से 15 तारीख के बीच मजदूरी भुगतान करने का लिखित समझौता किया है। लेकिन एक दो माह समय अनुसार मजदूरी भुगतान करने के बाद समझौते को दरकिनार कर महीनों मजदूरी भुगतान नही की जाती। उन्होंने मजदूरी मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
एक दो दिन में होगा मजदूरी का भुगतान
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के महाप्रबन्धक एम आर दास ने बताया कि शनिवार तक भेल की निर्माण कम्पनी पॉवर मेक को भुगतान कर दिया जाएगा। अगले एक दो दिन में सभी मजदूरों की मजदूरी उनके खातों में जमा करवा दी जाएगी।





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