जैसलमेर/मोहनगढ़. मोहनगढ़ से अलग हो कर नई ग्राम पंचायत बांकलसर का गठन किया गया था। करीब चार साल से अधिक का समय भी हो गया नव गठित ग्राम पंचायत को, लेकिन अभी तक यहां सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चिकित्सा सुविधाओं को अभाव बना हुआ है। बांकलसर में उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए भवन भी बना हुआ है, लेकिन यहां पर एएनएम को नियुक्ति नहीं दी गई है। इसके चलते उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए बना भवन अब क्षतिग्रस्त होने लगा है। ग्रामीणों ने बांकलसर में एएनएम की नियुक्ति की मांग जिला प्रषासन से की है। बांकलसर के ग्रामीणों कमल सिंह, तेजराज सिंह, श्रवण सिंह, खेत सिंह, भीम सिंह, शैतान सिंह, शंकर सिंह आदि बताते हैं कि बांकलसर ग्राम पंचायत में चिकित्सा सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को उपचार के लिए मोहनगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाना पड़ता है। बांकलसर में उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए भवन को बने काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक एएनएम की नियुक्ति नहीं दी गई। ऐसे में यहां के निवासियों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। रख-रखाव के अभाव में उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए बना भवन भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। एएनएम की नियुक्ति के लिए कई बार जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया गया। उसके बावजूद अभी तक कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है।
मुआवजा राशि के लिए परेशान हो रहे किसान
मोहनगढ़. क्षेत्र में आंधी-तूफान और सूखे के चलते खराब हुई फसलों के मुआवजे का किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे है। किसान अभी भी आदान अनुदान राशि के लिए उपनिवेशन तहसील के चक्कर काट रहे है। इन किसानों को कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहे है। अब किसान असमंजस में है कि जाएं तो जाएं कहां ! नई सरकार के बने भी लगभग दो माह हो गए। उसके बावजूद आदान अनुदान राशि का लगभग 50 प्रतिशत किसानों को अभी तक नहीं किया गया है। इस संबंध में मोहनगढ़ क्षेत्र के किसानों व किसान नेताओं साभान खां सांवरा, कमल सिंह नरावत, हाजी खां, कासम खां, किरता राम, अमीन खां, भीमाराम कड़ेला आदि के अनुसार गत दो साल से पानी के अभाव में, बरसात के कम होने, आंधी-तूफान आने से फसलें खराब हो रही है।





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