चित्तौडग़ढ़. यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल चित्तौड़ दुर्ग की अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर खास पहचाने बनाने के उद्देश्य से पहली बार आयोजित तीन दिवसीय चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल के प्रति दिखे उत्साह के बाद अब तैयारी इसे निरन्तर रखने की है। इसके लिए इसे पर्यटन विभाग के वार्षिक कलैण्डर में शामिल करवाया जा रहा है ताकि स्वत: ही आयोजन की तैयारियां शुरू हो जाए। जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव का डॉक्यूमेन्टेशन भी किेया गया। इसे यूट्यूब पर जारी कर प्रचारित किया जाएगा ताकि अगली बार और अधिक देशी-विदेशी पर्यटकों का जुड़ाव इस महोत्सव से हो सके। चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल में सरकारी तंत्र के अलावा अन्य विभिन्न संस्थाओं व समाजों से मिले सहयोग ने इसे शहर का महोत्सव बनाने में अहम भूमिका निभाई
शिल्पग्राम मेले के बाद हो सकता चित्तौड़ महोत्सव
इस बार तो चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल का आयोजन फरवरी माह में हुआ लेकिन अब प्रशासन की मंशा इसे दिसम्बर अंत या जनवरी प्रथम सप्ताह में कराने की है। इसके पीछे मकसद शीतकालीन अवकाश होने से पर्यटकों की भागीदारी बढ़ाना है। प्रयास इस बात के भी शुरू हो गए है उदयपुर में शिल्पग्राम मेले की समाप्ति के तत्काल बाद चित्तौैड़ फोर्ट फेस्टिवल का आयोजन हो जाए ताकि वहां आने वाले विदेशी पर्यटक यहां भी आ जाए।





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