पाली/जोधपुर. आयकर विभाग की ओर से शहर के फाइनेंस व प्रोपर्टी से जुड़े तीन व्यवसायियों के ठिकानों पर आयकर सर्वे कार्यवाही गुरुवार को पूरी हो गई। विभाग को जांच के दौरान करीब 4 करोड़ रुपए के कॉम्प्लेक्स, फाइनेंस, जमीनों में अघोषित निवेश के दस्तावेज मिले जिन्हें सीज किया गया और गणना जारी है। पूरी जांच के बाद करोड़ों रुपए की अघोषित आय उजागर होने की संभावना है। दो व्यवसासियों ने अघोषित आय उजागर होने पर करीब 1.37 करोड़ रुपए की राशि अदा करने व दस्तावेज छोडऩे की मांग की, लेकिन विभाग ने पूरी जांच का हवाला देते हुए दस्तावेज देने से मना कर दिया। रेंज प्रथम के संयुक्त आयकर आयुक्त रविन्द्र मित्तल के निर्देशन में की गई जांच में एसके गुप्ता, लक्ष्मणसिंह, रवि रंजन, पूनाराम जाखड़, केसी जाखड़ सहित विभागीय कर्मचारी शामिल थे। विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब नहीं देने पर एकतरफा निर्णय लेते हुए तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लाखें रुपयों डिमाण्ड निकाली गई, जो व्यवसासियों ने जमा नहीं कराए थे।
बड़े व्यापारियों के शामिल होने की आशंका
विभाग की ओर से आयकर रिटर्न भरकर नाममात्र का टैक्स अदा करने वालो पर कार्यवाही की गई। इसी कड़ी में बुधवार को फाइनेंस व प्रोपर्टी का काम करने वाले तीन व्यवसासियों के कुड़ी भगतासनी व जालोरी गेट-सिवांची गेट पर स्थित ठिकानों पर सर्वे कार्यवाही शुरू की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बड़े व्यापारियों, सीए व प्रोफेशनल्स से लेनदेन भी सामने आया है। विभाग को निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने पर व्यवसायियों द्वारा कम ब्याज पर बड़े व्यपारियों से रुपए लेने व अधिक ब्याज पर लोगों को रोकड़ लेनदेन सामने आया है। जिनकी गणना होगी और संबंधित को पूछताछ के लिए समन जारी
किया जाएगा।
पाली में करोड़ों की आय उजागर होने की संभावना
आयकर विभाग की ओर से केवल रिटर्न भरकर नाममात्र या कम टैक्स अदा करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में, आयकर विभाग की रेंज दो की ओर से पाली में एक मेडिकल व प्रोविजन स्टोर पर सर्वे कार्यवाही गुरुवार को शुरू की गई। कार्यवाही रेंज के संयुक्त आयकर आयुक्त एके दास के निर्देशन में गठित टीम कर रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मेडिकल स्टोर संचालक ने आज तक टैक्स ही नहीं भरा था, इसलिए सर्वे किया जा रहा है। विभाग को कार्यवाही में करोड़ों रुपयों की अघोषित आय उजागर होने की संभावना है।





No comments:
Post a Comment