चूरू. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के आरक्षित कोटे से प्रयोगशाला सहायक की नौकरी हासिल करने के मामले में राउमावि राजगढ़ में कार्यरत वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक को सेवानिवृत्ति से छह दिन पहले नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) चूरू डा. महेंद्र चौधरी ने उक्त आदेश २५ जनवरी को जारी किए। गांव बास महलाणा निवासी वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक उम्मेद सिंह को 31 जनवरी को राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होना था। उम्मेद सिंह को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग को लेकर राजस्थान राज्य भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर सोसायटी से जुड़े भूतपूर्व सैनिकों ने कार्यालय उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा के आगे धरना देकर आंदोलन किया था। संयुक्त निदेशक के मुताबिक नौकरी से बर्खास्तगी के आदेश जारी कर सूचना उच्चाधिकारियों को भिजवाई गई है। कर्मचारी को मिलने वाले परिलाभों व तनख्वाह के रूप में ली गई राशि की वसूली के संबंध में उच्चाधिकारियों के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
सेना मुख्यालय ने नहीं माना भूतपूर्व सैनिक
मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी ने १६ अगस्त २०१८ को अभिलेख कार्यालय राजपूताना राइफल्स को अपना स्पष्ट अभिमत भिजवाने के लिए पत्र लिखा था। सेना मुख्यालय ने ३१ अगस्त २०१८ को पत्र जारी कर अपना स्पष्ट अभिमत दिया कि सेनांक २८७२२५८ एक्स रिक्रूट उम्मेद सिंह भूतपूर्व सैनिक की श्रेणी में नहीं आता। सेना ने लिखा कि उम्मेद सिंह २६ जुलाई१९७७ को सेना में भर्तीहुआ और १३ जनवरी १९७८ को स्वैच्छा से सेवा का परित्याग कर सेवानिवृति ले ली। इन्हें सेना से किसी भी प्रकार की पेंशन या सुविधा देय नहीं है। अत नियमानुसार उम्मेद सिंह भूतपूर्व सैनिक की श्रेणी में नहीं आता।
सुनवाई के लिए नहीं हुआ उपस्थित
उम्मेद सिंह को भूतपूर्व सैनिक की श्रेणी में नहीं पाए जाने के बाद कार्यालय संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा ने एक जनवरी २०१९ को अंतिम सुनवाई व अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया। मगर कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ और ०७ जनवरी को उसने व्यक्तिगत सुनवाई के लिए निवेदन किया। जिस पर १० जनवरी को कार्यालय ने पत्र जारी कर १५ जनवरी को कार्मिक को व्यक्तिगत सुनवाई व अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। इसके बावजूद कार्मिक निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं हुआ।
ये लगाए आरोप
- भूतपूर्व सैनिक की श्रेणी में नहीं होते हुए भी इस श्रेणी के कोटे से प्रयोगशाला सहायक के पद की नौकरी प्राप्त कर ली।
- भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में होने से संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को दिखाने के लिए पाबंद करने के बावजूद मूल कागजात (डिस्चार्ज बुक) दिखाने से मना कर दिया। ऐसा करके उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की।





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