देसूरी। पंचायत समिति देसूरी की ग्राम पंचायत बडौद के तीनों गांवों में एएनएम के पद रिक्त होने के कारण केन्द्रों पर ताले लगे हुए हैं। जबकि एएनएम के अभाव में ग्रामीणों को भी उपचार को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कई बार इन गांवों के ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से रिक्त पद पर एएनएम नियुक्त करने की मांग करने के बावजूद चिकित्सा विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसके कारण बडौद, सरथुर, उन्दरथल गांवों के ग्रामीणों को उपचार नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बडौद ग्राम पंचायत के सोनाणा गांव के अधीन सरथुर और उन्दरथल गांव हैं। जिसमें तीनों गांवों के ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा को लेकर उपस्वास्थ्य केन्द्र मौजूद हैं। राज्य सरकार और चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण इन तीनों गांवों में एएनएम के पद रिक्त हैं। ऐसे में इन गांवों में अन्य एएनएम को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। जिन एएनएम को इन गांवों की चिकित्सा सुविधा की जिम्मेदारी दे रखी है, उनके पास पहले से कार्यरत उपस्वास्थ्य केन्द्र पर अधिक जिम्मेदारी है। उसके बावजूद कभी कभार समय निकाल कर लोगों को अपना चेहरा दिखाने के लिए केन्द्रों के ताले खोलकर बैठ जाती हैं। जबकि पंचायत मुख्यालय बडौद में भी एएनएम का पद रिक्त होने से वहां चिकित्सा व्यवस्था खुद बीमार हो गई है। ऐसे में इन तीनों गांवों में लम्बे समय से एएनएम के पद रिक्त है। जबकि इन गांवों में एएनएम के पद भरने को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों व उच्च अधिकारी से ग्रामीण मांग कर चुके हैं। मगर किसी ने भी ग्रामीणों की इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया।
उपचार को भटकते ग्रामीण
बडौद, उन्दरथल, सरथुर गांवों में एएनएम का पद रिक्त होने के कारण ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में उपचार के लिए ग्रामीणों को आस-पास गांवों में जाना पड़ रहा है। जबकि इन गांवों में उप स्वास्थ्य केन्द्र मौजूद है।
एएनएम के रिक्त पद होने से ग्रामीण हो रहे परेशान
लम्बे समय के बडौद, सरथुर, उन्दरथल गांवों में एएनएम का पद रिक्त होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एएनएम के रिक्त पद भरने को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है। उसके बावजृद रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं। -प्रियंका देवल, सरपंच, पंचायत बड़ौद





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