चूरू. राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना, 2019 में अब तक 23 हजार किसानों के डेटा ऋण माफी पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। इस संबंध में बैंक की ओर से भेजा जा रहा मैसेज मिलते ही किसान बायोमैट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। ताकि उनके ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी किए जा सकें। कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि ऋण माफी योजना में पूर्णत: पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिले में पात्र 79 हजार 405 किसानों का करीब 231 करोड़ रुपए का ऋण माफ किया जाना है। अब तक 23 हजार किसानों के डेटा ऋण माफी पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। उन किसानों को बैंक की ओर से मैसेज भेजा गया है। किसानों को यह मैसेज प्राप्त होते ही अपना बायोमैट्रिक सत्यापन कराना है। ई-मित्र पर आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन किसानों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध है। इस पर निर्धारित शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। ऐसे किसान जिस ग्राम सेवा सहकारी समिति से अल्पकालीन फसली ऋण लिया था वहां जाकर व्यवस्थापक से प्रपत्र-1 प्राप्त करें। इस प्रपत्र में 30 नवम्बर 2018 तक की बकाया राशि सही हो तो किसान किसी भी ई-मित्र केंद्र से आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। इसके बाद ही उन्हें ऋण माफी सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। यह प्रपत्र-1 किसान द्वारा ई-मित्र कियोस्क को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बिना बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं किया जाएगा। जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सभी व्यवस्थापकों की ओर से शेष किसानों के डेटा अपलोड किए जा रहे हैं।
14 से 16 तक 26 जीएसएस पर लगेंंगे शिविर
14 से 16 फरवरी तक जिले की 26 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 के तहत पात्र ऋणियों को ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। चूरू सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक शेर सिंह ने बताया कि 14 फरवरी को घांघू, राघा, चनाना, बूचावास, भानीपुरा, खोतड़ी, बाघसरा, मलसीसर व बालेरा में, 15 को ढाढऱ, महलाना, न्यांगल, भालेरी, अजीतसर, दाउदसर, लुहारा, शोभासर व गिरवरसर तथा 16 फरवरी को खींवासर, कामाण, कालवास, राजासर बीकान, पडि़हारा, मूंदड़ा, लोढसर व ढाणी कालेरा में शिविर आयोजित किए जाएंगे।





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