सीकर.
सालों पहले हुई पति की मौत का सदमा नहीं भूलने वाली पत्नी की आंखें अब इकलौते बेटे के इंतजार में पथरा रही है। गम यह है कि इकलौते लाल को लापता हुए सात दिन बीत चुके हैं। लेकिन, वह अभी तक घर नहीं लौटा है। जबकि 12 साल के बालक की बरामदगी के लिए उसकी बेवा मां ना जाने कितनी बार पुलिस के चक्कर काट चुकी है। जानकारी के अनुसार खोटियां गांव का आठवीं में पढऩे वाला 12 वर्षीय पवन सिंह आठ दिन पहले पड़ोस में होने वाले शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकला था। उसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं है। इकलौते बेटे के लापता होने की खबर जब उसकी मां को लगी तो वह बुसेध हो गई। होश में आने के बाद उसने बताया कि वह अपने बेटे पवन के बगैर जिंदा नहीं रह सकती है। क्योंकि पति जय सिंह को वह पहले ही खो चुकी है। जीवन काटने का इकलौता सहारा भी अब उसके पास नहीं है। जबकि पुलिस के पास उसकी गुमशूदगी दर्ज करवाई जा चुकी है। लेकिन, वह मामले को हल्के में ले रही है। ऐसे में बेटे के साथ अनहोनी की आशंका पर डर के मारे उसकी सांसे थमी हुई है। रोते-रोते गला बैठ गया है और अब हर आहट पर उसके इंतजार में आंखें पथराने लगी हैं। इधर, बालक के घर नहीं लौटने पर बाल कल्याण समिति द्वारा भी पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले में तुरंत कार्रवाई की बात लिखी गई है।
थाने का हो चुका घेराव
बच्चे को लेकर पुलिस की ढीली कार्रवाई के विरोध में तीन दिन पहले आक्रोशित लोगों ने रामगढ़ थाने का घेराव भी कर लिया था। पुलिस के पांच दिन के समय मांगने पर लोग शांत हुए। इसके बाद क्षेत्र के डीएसपी को ज्ञापन देकर विशेष पुलिस टीम द्वारा उसको खोजने की मांग रखी गई थी। परंतु आश्वासन के दावों पर पुलिस खरा नहीं उतर पाई है।
बंद की चेतावनी
बालक को जल्द बरामद करने की मांग को लेकर बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। अन्यथा रामगढ़ सेठान कस्बे को बंद करने की चेतावनी दी गई है। जिला परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह कारंगा के अनुसार बालक का अपहरण हुआ है। उसको शीघ्र मुक्त नहीं कराया गया तो तीन बाद विरोध में कस्बा बंद रखा जाएगा। ज्ञापन के दौरान अधिवक्ता आकाश नेहरा, अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।





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