दौसा. सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कृषक सेवा पोर्टल पर प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का आरम्भ कर तो दिया है, लेकिन किसान इस योजना में आवेदन दाखिल करने की तिथि एवं दस्तावेजों को लेकर पशोपेश में हैं। इधर वेबसाइट सर्वर डाउन होने से ई-मित्र संचालक भी परेशान हैं। इसी कारण ई-मित्र केन्द्रों पर भीड़ देखी जा रही है। जिले में 21 फरवरी से ही ई-मित्र केन्द्रों पर इस योजना के आवेदन ऑनलाइन कराने के लिए तांता लग रहा है। जिला मुख्यालय पर रविवार को योजना की शुरुआत की गई।
तीन किस्तों में मिलेगी राशि
किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत केन्द्र सरकार ने 6 हजार वार्षिक देने की घोषणा की है। जिला मुख्यालय स्थित पंचायत समिति दौसा में अतिरिक्तजिला कलक्टर राजवीरसिंह चौधरी ने इस योजना की शुरुआत की। इस दौरान पीएम किसान निधि योजना के लाभार्थी करीब 25 किसानों क भी सम्मान किया गया।
केन्द्रीय सहकारी बैंक के एमडी एसडी मीणा ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन ऑनलाइन करवाने के बारे मे जानकारी दी। इस अवसर पर उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति सुरेन्द्र शर्मा, एसीपी राधेश्याम बैरवा, सहायक निदेशक रामजीलाल मीणा, तहसीलदार लवाण शरद तिवारी, विकास अधिकारी लवाण हरकेश मीणा, विकास अधिकारी दौसा नाहरसिंह मीणा, उप निदेशक कृषि विस्तार राधेश्याम मीणा व गिरिराज सोनी ने विचार व्यक्त किए।
इनको ही मिलेगी राशि
इस योजना के तहत 2 हैक्टेयर जमीन वाले किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार तीन किस्तों में दिए जाएंगे। ऐसे में पहले जहां खाद-बीज खरीदने के लिए किसानों को सेठ-साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था। अब सरकार द्वारा सहायता मिलने से किसानों को बुवाई के समय खाद और बीज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
अंतिम तिथि को लेकर किसानों में भ्रम
ई-मित्र केन्द्रों पर आवेदन ऑनलाइन करवाने वाले किसानों में आवेदन दाखिल कराने की अंतिम तिथी को लेकर संशय है। इस सम्बन्ध में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि योजना में आवेदन दाखिल करने की अंतिम तिथि अभी तक कोई निश्चित नहीं है। अभी तो आवेदन दाखिल होने का काम शुरू हुआ है, यह काम तो चलता रहेगा।
जिसके नाम जमीन वही किसान
योजना में लाभ लेने के लिए किसानों में एक भ्रम यह भी है कि कई ऐसे भी लोग है जिनके नाम जमीन है, लेकिन वे सरकारी सेवा में हैं। ऐसे में वे लोग संशय में हैं कि वे इस योजना में आवेदन दाखिल करें या ना करें। अधिकारी भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिसके नाम जमीन वही किसान माना जाता है। किसी के पास 2 हैक्टेयर से अधिक जमीन है तो वह इस योजना में आवेदन दाखिल नहीं कर सकता है।





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