सवाईमाधोपुर/मलारनाडूंगर : गुर्जर आंदोलन संघर्ष समिति की ओर से रात के समय ट्रैक की निगरानी व ट्रैक से बाहरी लोगों को दूर रखने के लिए टाइगर फोर्स, देवनारायण परिक्रमा समिति आदि टीमों का गठन किया गया। इसमें करीब सौ से अधिक समाज बंधुओं को शामिल किया गया है। वहीं रात को निगरानी की जिम्मेदारी भी प्रतिदिन अलग-अलग गांवों के लोगों को दी जा रही है। रविवार रात को ट्रैक की निगरानी का जिम्मा शामोली की टीम ने संभाला।
रसिया गाते रहे लोग
रविवार को भी गुर्जर समाज के लोग पटरी पर ही जमे रहे। लोगों ने पटरी पर ही रसिया गाकर, नृत्य करके व ताश खेलकर समय व्यतीत किया। वहीं समाज के लोगों के सहयोग के लिए भी अन्य जिलों से अब लोग आने लग गए और आंदोलन कारियों के लिए कंबल व खाने-पीने की सामग्री ला रहे हैं।
आंदोलन के चलते चप्पे-चप्पे पर पुलिस
बौंली. गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर लगातार प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। पूर्व में हुए आंदोलन में बौंली की सक्रियता के चलते संवेदनशीलता बनी हुई है। मामले को लेकर न केवल अतिरिक्त पुलिस बल व आरएसी के जवान तैनात है, बल्कि एसएचओ जयसिंह बसेरा के निर्देशन में बौंली थाना पुलिस का एक दल रविवार को गुर्जर बाहुल्य गांवों में किया।





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