पाली. घरों से निकलने वाला गंदा पानी सिंचाई सहित फेक्ट्रियों में काम लिया जा सकेगा। इसको लेकर नगर परिषद ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी ट्रीट कर उसका फिर से उपयोग करने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले कुछ ही माह में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचने वाला घरों का गंदा पानी फिर से रियूज कर उपयोग में लिया जा सकेगा।
शहर के मंडिया रोड पर 8.23 करोड़ की लागत से 7.5 एमएलडी क्षमता का सिटी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना हुआ है। जहां वर्तमान में आस-पास के घरों से करीब चार एमएलडी गंदा पानी पहुंच रहा है। सीवरेज योजना के तहत 98 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जानी थी अभी तक 69.30 किलोमीटर सीवर लाइन डाली जा चुकी है। मंडिया रोड पर स्थित सीवरेज प्लांट तक पहुंच रहे घरों के गंदे पानी को ट्रीट करने की मशीनरी लगी हुई है। इसे संचालित करने एवं रख-रखाव एवं कुछ निर्माण कार्य करवाने के लिए नगर परिषद ने टेंडर आमंत्रित किए है। 15 फरवरी को टेंडर ओपन किए जाएंगे।
खर्च होंगे 37 लाख
नगर परिषद एक्सईएन के.पी. व्यास ने बताया कि एनजीटी की गाइड लाइन के अनुसार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में क्योरिनेटर मय टोनर रूम व क्लोरीन कोन्टेक्ट टैंक निर्माण कार्य करवाना है। इसको लेकर 37.16 लाख रुपए खर्च होंगे, टेंडर आमंत्रित किए गए है। जल्द शेष प्रक्रिया पूर्ण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
इधर आरयूआईडीपी के प्लांट का कार्य भी अंतिम चरण में
नगर परिषद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निकट ही 24.61 करोड़ की लागत से आरयूआईडीपी का 15 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य चल रहा है। अभी तक प्लांट का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। जिसके जून 2019 तक पूर्ण होने की संभावना है। सीवर लाइन का कार्य भी चल रहा है। जिसे दिसम्बर 2020 तक पूर्ण करने का अधिकारी दावा कर रहे है। जिसे माने तो 2021 की शुरुआत में शहर भर से घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों की अपेक्षा सीवर लाइन से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा जिसे ट्रीट कर फिर से रियूज किया जा सकेगा।
टेंडर किए आमंत्रित
एनजीटी के आदेश के बाद नगर परिषद का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने एवं उसके रख-रखाव को लेकर टेंडर आमंत्रित किए है। शेष प्रक्रिया जल्द पूर्ण कर निर्माण कार्य शुरू करवा देंगे।
- आशुतोष आचार्य, आयुक्त नगर परिषद, पाली





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