बालोतरा.
बुड़ीवाड़ा-जागसा स्वीकृत सड़क के अधूरे कार्य से एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण राहत को तरस गए हंै, ठेकेदार ने दो माह से अधिक समय पूर्व ग्रेवल तो बिछा दी, लेकिन डामर नहीं किया। इस पर व्यस्तम रोड पर सैकड़ों वाहनों की आवाजाही से ग्रेवल भी टूट चुकी है। सड़क पर निकली व बिखरी कंक्रीट से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। वाहन रपटने से हादसे होते हैं।
बुड़ीवाड़ा- जागसा सड़क कई वर्षों से क्षतिग्रस्त होने पर इससे आवागमन में राहगीरों, वाहन चालकों को होने वाली परेशानी पर सरकार ने इसकी मरम्मत की स्वीकृति दी। इससे वर्षों से परेशान ग्रामीणों ने शीघ्र राहत की उम्मीद संजोई, लेकिन टेण्डर स्वीकृति के लंबे समय तक ठेकेदार ने कार्य शुरू नहीं किया। इसके बाद ठेकेदार ने कार्य शुरू करते हुए ग्रेवल सड़क बनाई, लेकिन इसके डामर नहीं किया। इस पर आवागमन को लेकर हर दिन हजारों जनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अधूरा कार्य, हजारों परेशान-बुड़ीवाड़ा- जागसा सड़क सिवाना तहसील की बड़ी ग्राम पंचायत व कस्बे पादरू से जुड़ी हुई है। बालोतरा -पादरू की दूरी 35 किमी होने पर पादरू क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण कामकाज के लिए बालोतरा आते हैं। बालोतरा-पादरू के लिए एक दर्जन से अधिक निजी बसें संचालित होती र्हैं। दर्जनों गांवों के सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इस पर वाहनों की आवाजाही से ग्रेवल के टूटने, इसकी निकली-बिखरी कंक्रीट से राहगीरों, वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। इन्हें पग-पग परेशानी उठानी पड़ती है। कंक्रीट से तेज गति से भागते वाहनों के रपटने से चालक, सवार चोटिल होते हैं।
अधूरा कार्य, आमजन परेशान - सड़क स्वीकृत हुए कई माह बीत चुके है, लेकिन आज भी अधूरा कार्य है। इस पर आवागमन में पहले की तरह ही परेशानी उठानी पड़ती है। कहीं कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। - स्वरूपसिंह जागसा
वाहन रपटने से हो रहे हादसे- सड़क का अधूरा कार्य परेशानी बन गया है। निकली, बिखरी कंक्रीट पर वाहन रपटते हैं। इससे चालक, सवार चोटिल होते हैं। अनदेखी पर बड़ा हादसा हो सकता है। - कलाराम चौधरी





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