जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर जिले में प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते दो जर्मन नागरिकों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। पकड़े गए विदेशी नागरिकों से विविध सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें जैसलमेर जिले में सेटेलाइट फोन के प्रतिबंधित होने की जानकारी नहीं थी। किसी तरह की संदिग्ध जानकारी नहीं मिलने के चलते एजेंसियों ने उन्हें छोडऩे का फैसला किया। अब पुलिस जरूरी कार्रवाई के बाद उन्हें रिहा कर देगी। गौरतलब है कि सेना इंटेलिजेंस को खुहड़ी थाना क्षेत्र में सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिलने के बाद एजेंसी ने खुहड़ी पुलिस को साथ लेकर उन्हें पकड़ा। गौरतलब है कि आगामी १६ फरवरी को भारतीय वायुसेना की ओर से पोकरण रेंज में ‘वायुशक्ति-’ का आयोजन किया जा रहा है।
खुहड़ी में रुके हुए थे विदेशी
हिरासत में लिए गए जर्मन नागरिक रॉबर्ट फेहरलेंड और रेनर ब्लूएल खुहड़ी स्थित रिसोर्ट में रुके हुए थे। इस क्षेत्र में जैसे ही उन्होंने सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया, सेना इंटेलिजेंस को इस संबंध में जानकारी मिल गई। लोकेशन का पता चलने पर इंटेलिजेंस के दल ने खुहड़ी थाना पुलिस को साथ लेकर विदेशियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई की। उनके पास से थ्यूरिया सेटेलाइट फोन को भी जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में विदेशी नागरिकों ने जैसलमेर क्षेत्र में सेटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू होने की जानकारी नहीं होने की बात कही है।
पहले भी हुई है कार्रवाइयां
सीमांत जैसलमेर जिले में प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का उपयोग करने पर विदेशी नागरिकों सहित अनेक भारतीयों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। ऐसा ही एक मामला एक वर्ष पहले जिले के पोकरण उपखंड क्षेत्र में सामने आया था। तब सेना इंटेलिजेंस (एमआई) और पुलिस ने प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का उपयोग करने पर दो विदेशी नागरिकों के साथ पांच जनों को पकड़ा था। इनमें दो स्थानीय युवक थे। इस प्रकरण में दो विदेशी नागरिकों के साथ एक हैदराबाद निवासी पोकरण घूमने आए हुए थे। वे थाट गांव की रहमतुल्ला की ढाणी में गए हुए थे। इस दौरान उनकी ओर से यहां सेटेलाइट फोन का उपयोग किया गया। जिससे दिल्ली व जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई। उनके कब्जे से सेटेलाइट फोन बरामद किया गया।
आठ थाना क्षेत्र प्रतिबंधित
-सीमावर्ती जैसलमेर जिले के ८ पुलिस थाना क्षेत्र प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं,जहां बाहरी व्यक्तियों के बिना पूर्व इजाजत जाने पर पाबंदी है।
-क्रिमिनल संशोधन एक्ट १९९६ के तहत अधिसूचित थाना क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के लिए अनुमति लेना जरूरी किया गया है।
-जैसलमेर में २००८ में बार्डर को बेचने के मामले के बाद इस कानून को सख्त बनाया गया।
-प्रतिबंधित क्षेत्र में जैसलमेर जिले के आठ थाना क्षेत्रों के करीब 350 गांव शामिल हैं।
-यहां जाने के लिए एसडीएम, संबंधित थाना, पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार से सत्यापन के बाद अनुमति जारी की जाती है।
फैक्ट फाइल-
- 38 हजार वर्ग किमी से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है सरहदी जिला
- ०8 थाना क्षेत्र बाहरी लोगों के लिए प्रतिबंधित
- 350 गांव ऐसे हैं, जहां जाने के लिए जरूरी अनुमति
- 470 किमी की लंबी है अंतरराष्ट्रीय सीमा
सुलट गया मामला
खुहड़ी थाना क्षेत्र में सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करने वाले विदेशी नागरिकों से संयुक्त पूछताछ में कोई आपत्तिजनक जानकारी सामने नहीं आई। उन्हें इसके जैसलमेर में प्रतिबंधित होने की जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्हें जरूरी कार्रवाई के बाद छोड़ दिया जाएगा।
- डॉ. किरण कंग, जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर





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