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कहां पर छा गया छाया पलक-पलाश के सुरो का जादू, थिरक उठे कदम



चित्तौडग़ढ़. शौर्य व त्याग की भूमि चित्तौड़ की धरा पर मंगलवार रात पलक व पलाश मुछाल के गीतों की जुगलबंदी ने लोगों का दिल जीत लिया। तीन दिवसीय चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल की अंतिम प्रस्तुति के रूप में मंगलवार रात शहर के गोराबादल स्टेडियम में आयोजित स्टॉर नाइट में बॉलीवुड की मशहूर पाश्र्व गायिका पलक मुछाल व उसके भाई पलाश मछाल के सुरो का जादू बिखरा। उन्होंंने स्वयं के गाए गानों के अलावा श्रोताओं की मांग पर पुराने फिल्मी गीत भी सुनाए तो श्रोता मंत्र मुग्ध हुए। रात्रि 11 बजे तक लोग सर्द हवाओं की परवाह किए बिना पलक-पलाश के सुरो के जादू में डूबे रहे। पलक ने प्रेम रतन धन पायो, एक सनम चाहिए आशिकी के लिए, तुझे देखा तो यह जाना सनम, राजा को रानी से प्यार हो गया,बहुत प्यार करते है तुमसे सनम जैसे फिल्मी नगमों पर अपनी अवाज का जादू बिखरा। श्रोताओं की मांग पर पलक पलाश की जोडी ने कभी यादों में आना, हुआ है आज पहली बार, देखा हज़ारो दफा, जब तुम चाहो, मेरी आशिक़ी अब तुम ही हो, गोरी तू लठ मार आदि गीतों की भी प्रस्तुति दी । इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल, अतिरिक्त कलक्टर दीपेन्द्र सिंह,चन्द्रभानसिंह भाटी, जिला परिषद् सीईओ अंकित सिंह, प्रशिक्षु आईएएस सुशील कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन शर्मा, युआईटी सचिव सीडी चारण, एसडीएम विनोद कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी मौजूद थे।

साथ में थिरकने लगे युवा
पलाश ने भीड़ और अतिथियों के बीच जाकर गीत गाए तो युवा उनके साथ ही थिरकने लगे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अलग अलग समूह भी मंच पर आए और कई गानों पर झूमें ।

अंगुलियों की बजाय सिर से बजाया पियानो
पलाश ने अंगुलियों की बजाय सिर से पियानो को बजा लोगो को आश्चर्यचकित कर दिया। स्वरों के अद्भुत सामजंस्य ने संगीत को लोगों के मन में उतार दिया। एक बार तो श्रोता समझ ही नहीं पाएं कि आवाज किधर से आ रही है पर जब सिर पर पलाश के हाथों की गति देख उनको माजरा समझ में आया।

पलक के साथ विदेशी भी थिरके
मंच पर पलक की प्रस्तुति के बीच श्रोताओं के रूप में बैठे विदेशी सैलानियों का अचानक मंच पर आना चर्चा का विषय बना। माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए गाने एकए दो तीनण्ण्ण्ण्ण्आजा पिया आई बहार पर विदेशियों ने शब्दों से अनजान पर संगीत की लय पर जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर पलक ने कहा कि हमारी भारतीय संगीत की यहीं खासियत है कि वो भिन्न.भिन्न संस्कृति को भी अपने में समाहित कर थिरकने पर मजबूर कर देती है।

धन्यवाद चित्तौड़ मिला पूरा सहयोग
समापन समारोह में जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने कहा कि चित्तौडग़ढ़ फोर्ट फेस्टिवल के आयोजन में पूरे जिलवासियों का सहयोग मिला हैं। उन्होंने कहा कि जनता की पूर्ण भागीदारी से ही पहली बार हुआ यह आयोजन सफल रहा। इस दौरान अतिथियों ने पलक.पलाश और उनकी टीम का साफा पहनाकर स्वागत किया ।

 

 



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