नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव 2018 में भारी संख्या से जीत दर्ज करने वाले तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि वह दो महिलाओं को अपनी कैबिनेट में शामिल करेंगे। विधानसभा में 2019-20 के लिए वोट ऑन अकाउंट पर बहस का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में दो महिलाओं को मंत्री बनाया जाएगा। बता दें कि महिलाओं को अपनी कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं देने को लेकर विभिन्न वर्गो से आलोचना होने के बाद से तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने यह फैसला लिया है।
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पहली कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं
आपको बता दें कि राव की पहली कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं थीं और वर्तमान कैबिनेट में भी कोई महिला मंत्री नहीं हैं। विपक्षी दलों व महिला समूहों ने कैबिनेट में एक भी महिला को जगह नहीं देने को लेकर राव की आलोचना की।केसीआर के नाम से लोकप्रिय राव ने सदन को यह भी बताया कि सरकार सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ऋण मांगने जा रही है और आश्वासन दिया कि राज्य में ऋण चुकाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि राज्य ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अपनी आवश्यकताओं के बारे में बता दिया है। आरबीआई ऋण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने राजकोषीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) की सीमा का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने विपक्ष पर ऋणों का गलत प्रचार करने का आरोप लगाया।
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राज्यों को मिलना चाहिए अधिक शक्ति: राव
बता दें कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख ने कहा कि हर राज्य को अधिक से अधिक शक्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यों को शक्तियों के हस्तांतरण की आवश्यकता है। राव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उनके अधिकारों को छीन रही है। उन्होंने पूछा कि केंद्र का किसी राज्य के एक प्राथमिक स्कूल के साथ क्या लेना-देना है। केसीआर ने फिर से राष्ट्रीय राजनीति में गुणात्मक बदलाव की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "लोगों की जरूरत के हिसाब से शासकों को खुद में बदलाव लाना चाहिए।"
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