रक्तिम तिवारी/अजमेर.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय का कद घटा दिया है। बोर्ड ने छह नए रीजन गठित किए हैं। अजमेर से मध्यप्रदेश और दादर नागर हवेली को अलग कर नए रीजन में शामिल किया गया है।
सीबीएसई के देश में अब तक दस रीजन थे। इनमें नई दिल्ली, प्रयागराज, अजमेर, चेन्नई, देहरादून, गुवाहाटी, पंचकुला, पटना, तिरुवनंतपुरम और भुवनेश्वर रीजन शामिल थे। बोर्ड ने अब देश के विभिन्न हिस्सों में छह नए रीजन गठित किए हैं। इनमें बेंगलूरू, चंडीगढ़, भोपाल, नोएडा, पुणे एवं दिल्ली वेस्ट शामिल हैं।
अजमेर का दायरा हुआ छोट
अजमेर रीजन में अब तक राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित दादर नागर हवेली क्षेत्र के स्कूल शामिल थे। बोर्ड ने मध्यप्रदेश के स्कूल को नवसृजित भोपाल रीजन से जोड़ दिया है। साथ ही दादर नागर हवेली को नवसृजित पुणे रीजन से जोड़ा गया है। अजमेर रीजन में अब केवल राजस्थान और गुजरात के स्कूल ही रह गए हैं।पहले छत्तीसगढ़ हुआ था अलगबोर्ड ने साल 2011-12 में पटना और भुवनेश्वर रीजन बनाए थे। इसके तहत अजमेर रीजन से छत्तीसगढ़ के स्कूल को भुवनेश्वर रीजन के हवाले किया गया था।
सीबीएसई के लिए खास रहा है अजमेर
ब्रिटिशकाल में 1921 में उत्तर प्रदेश में बोर्ड ऑफ हायर एवं इंटरमीडिएट एज्यूकेशन की स्थापना की गई थी। इसमें सेंट्रल इंडिया, ग्वालियर और राजपुताना रीजन शामिल था। तत्कालीन सरकार ने 1929 में बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट एज्यूकेशन राजपुताना की स्थापना की। इसमें अजमेर-मेरवाड़ा, सेंट्रल इंडिया और ग्वालियर को शामिल किया था। पहले इसका दफ्तर सुंदर विलास में था। टोडरमल लेन में इसका नया दफ्तर (मौजूदा भवन)बनाया गया। अजमेर-राजपुताना स्टेट के कमिश्नर कर्नल ऑगिलवॉय ने इसका उद्घाटन किया था। इस दफ्तर में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन (तब बोर्ड अध्यक्ष) भी कामकाज कर चुके हैं।





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