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यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ने ऐसा क्या किया कि महिला कुलपति को कहना पड़ा, ऐ मिस्टर, तमीज से पेश आओ, पढि़ए Live Report

कोटा. पिछले कई दिनों से गडबडिय़ों और अन्य दूसरे कारणों से सुर्खियों में चल रहे आरटीयू में बुधवार को फिर बखेड़ा हो गया। एक प्रोफेसर ने कार्यवाहक कुलपति के समक्ष कथित तौर से फाइलें फेंक दी और अभद्रता की। कार्यवाहक कुलपति ने उन्हें अपने कार्यालय में तलब किया था, जिसके बाद यह घटनाक्रम हुआ। घटना के बाद कुलपति ने कड़ी नाराजगी जताई, प्रोफेसर राजेश सिंघल ने उनसे माफी मांगी। अनेक लोगों के सामने हुए इस घटनाक्रम के बाद कक्ष में मौजूद सभी लोग सकते में आ गए।

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शैक्षणिक सत्र 2013-2014 में दाखिला लेने वाले यूनिवर्सिटी कॉलेज के करीब 700 छात्र डेढ़ साल से कॉशन मनी के आठ-आठ हजार रुपए वापस लेने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन विवि प्रशासन हर बार उन्हें टाल देता था। पूर्व छात्र बुधवार को तत्कालीन प्रभारी प्रो. राजेश सिंघल से मिलने पहुंचे तो उन्होंने छात्रों को लौटा दिया। आक्रोशित छात्रों ने कार्यवाहक कुलपति प्रो. नीलिमा सिंह का घेराव कर दिया और कुलपति कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए।

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वीसी पर फें की फाइलें
कार्यवाहक कुलपति ने प्रो. सिंघल और संबंधित क्लर्क महेंद्र सिंह को बुलाया। प्रो. सिंघल ने वीसी दफ्तर में घुसते ही कार्यवाहक कुलपति से कहा कि वह 30 जून 2017 को ही फाइलें क्लर्क सिंह को दे चुके हैं, लेकिन नियमों की खामियां गिना इन्हें वापस कर दिया गया। इस पर सिंह ने जबाव में कहा कि प्रो. सिंघल नियमों को तोड़कर फाइल चलाना और भुगतान करवाना चाहते हैं। यदि ऐसे ही काम करना है तो कुलपति इसके आदेश जारी कर दें। इस पर प्रो. सिंघल ने कहा कि सिंह कोई काम नहीं करना चाहते। हर फाइल को बस ऐसे ही घुमाते है। एक नहीं, ऐसी बीसियों फाइलें गिना सकता हूं। इसी के साथ उन्होंने मेज पर रखी फाइलों का बंडल उठाया और फेंक दिया। फाइलें कुलपति के ठीक सामने मेज पर जा कर गिरी।

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7 दिन की दी मोहलत
हंगामे और अभद्रता से नाराज कुलपति ने प्रो. सिंघल के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही विवि प्रशासन को सात दिन के अंदर सभी पूर्व छात्रों की कॉशन मनी वापस लौटाने के भी आदेश जारी कर दिए। कुलपति ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भी लिखित आश्वासन दिया तब जाकर उन्होंने अपना धरना खत्म किया।

 

कुलपति ने फटकारा, प्रोफेसर ने माफी मांगी
दर्जन भर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के सामने ही प्रो. सिंघल के इस बर्ताव से कार्यवाहक कुलपति प्रो. नीलिमा सिंह नाराज हो गई। उन्होंने प्रो. सिंघल को फटकारते हुए तमीज से पेश आने की हिदायत दे डाली। मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में पूरा बखेड़ा होता देख प्रो. वीपी सुनेजा समेत अनेक शिक्षक सकते में आ गए और प्रो. सिंघल को शांत करने में जुट गए। मामला बिगड़ता देख प्रो. सिंघल ने कुलपति से माफी मांगते हुए कहा कि आज मेरा बीपी बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है इसलिए मैं आपा खो बैठा हूं।

 

समझाइश की है
कहासुनी क्लर्क महेंद्र सिंह और प्रो. सिंघल के बीच हुई थी। फाइलें फेंकने के मामले में मुझे कुछ नहीं कहना। रही बात कार्रवाई की तो प्रो. सिंघल से समझाइश
की है।
प्रो. नीलिमा सिंह, कार्यवाहक कुलपति, आरटीयू


मेरा बीपी बढ़ा हुआ था इसलिए गुस्सा आ गया। जो भी हुआ है उसके लिए मैं कुलपति से पहले ही माफी मांग चुका हूं।
प्रो.राजेश सिंघल, आरटीयू



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