सीकर।
श्रीनगर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को कृतज्ञ शेखावाटी ने शत-शत नमन किया। विभिन्न समाजों के लोग, युवा, छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीदों को नमन किया गया। वहीं लोगों की आंखों में भी गुस्सा था। लोगों ने कहा कि अब तक के सबसे बड़े हमले का सबसे बड़ा बदला चाहिए।
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अब तो घर में घुसकर मारना होगा
यह हमला देश के जवानों पर नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान पर हुआ है। इसका केन्द्र सरकार को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। तीस जवानों के बदले दुश्मन के घर में घुसकर तीन सौ के सिर काटने होंगे, तभी देश के शहीदों की आत्मा को शांति मिलेगी। सरकार को कड़ा कदम उठाकर ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए। -सरोज देवी, आतंकी
हमले में शहीद हुए लांपुवा (खाटूश्यामजी) के जवान महेश कुमार मीणा की वीरांगना खत्म होना चाहिए आतंक आज देश स्तब्ध है। दिल, दिमाग में सियासत और मानवाधिकार की कड़ी निंदा सुनने का बिल्कुल मन नहीं हैं। शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर देखकर बस दिल यही कहता हैं अब पिलेट गन व आंसू गैस का वक्त नहीं, जो कसूरवार दिखे मिटा दो उसे। बस आतंक का खात्मा करना होगा। मेरे मुल्क का कोई सैनिक अपने परिवार से अलग न हो, ऐसा वतन चाहिए। हम मरने के लिए मारेंगे। -अरशद अयूब पठान, शहीद सूबेदार लियाकत अली पठान के पुत्र
शहादत को कोटि-कोटि प्रणाम
आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित। वीर जवानों की शहादत को कोटि-कोटि नमन। गौरव सेनानी गोवर्धन गोदारा ने कहा आंतकवादियों को अब किसी प्रकार की ढ़ील नहीं देनी चाहिए। सरकार को सेना को स्वतंत्रता देनी चाहिए। जिससे आंतकवाद को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके लिए आर-पार की लड़ाई लडऩे की आवश्यकता है। -कमांडर हीर सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी





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