अजमेर.
पिछले एक दशक में भले ही अजमेर जिले में नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खुली हों लेकिन इनमें स्टूडेंट्स की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तक नहीं है। शहर और जिले के अधिकांश कॉलेज और यूनिवर्सिटी बिना फायर एनओसी के संचालित हैं। यहां भयानक आग लग जाए तो बुझाने के लिए छोटे अग्निशनमन यंत्र (फायर एक्सटेंगिशर) के अलावा कोई संसाधन नहीं हैं। अधिकांश संस्थान बिना स्थाई फायर एनओसी के संचालित हैं।
बीते एक दशक में अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में कई निजी और सरकारी कॉलेज, विश्वविद्यालय खुले हैं। नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमानुसार 15 मीटर से ऊपर की किसी भी इमारत के लिए नगर निगम/नगर परिषद या नगर पालिका से फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके अलावा यूजीसी के नियमों के मुताबिक भी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों और भवनों की पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने का जिक्र है।
देते हैं गलत जानकारियां
कॉलेज और विश्वविद्यालयों के भवन निर्माण के दौरान नगर निकायों द्वारा फायर एनओसी को लेकर जानकारी ली जाती है। ज्यादातर शिक्षण संस्थान सही सूचनाएं नहीं देते हैं। उनके जवाबों में फायर एनओसी के लिए आवेदन करना..., भवन और परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना..., परिसर में पानी और फायर एक्सटेंगिशर...जैसे तर्क शामिल होते हैं। साफ तौर पर संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियां से बच जाती हैं। इसके बाद संबंधिक नगर निकाय और जिला प्रशासन भी इनका सर्वेक्षण या जांच नहीं कराता है। मालूम हो कि केरल के कुंभकोणम, दिल्ली के उपहार सिनेमा, मुंबई में हाल में कमला मिल में आगजनी इसका उदाहरण हैं।
निजी कोचिंग के हाल खराब
गली-मोहल्लों में खुले निजी कोचिंग संस्थानों के हाल सबसे खराब है। बहुमंजिला अथवा तंग इलाकों में खुले कोचिंग इंस्टीट्यूट में आगजनी से निबटने के इंतजाम बेहद लचर हैं। कई संस्थानों में आग लगने पर आपातकालीन दरवाजा-खिडक़ी तक नहीं है। ज्यादातर संस्थाएं बिना फायर एनओसी के संचालित हैं। कोटा और जयपुर में बीते तीन-चार साल में निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लगी थी। इनकी जांच में भी एनओसी और आपातकालीन इंतजाम नहीं होना सामने आया था।
ये हैं सुरक्षा के नियम
-प्रत्येक एक हजार वर्ग गज क्षेत्र पर अग्निशमन यंत्र
-दो मंजिला भवन पर फायर हाइड्रेंट और होजरी रेंज
-बेसमेंट में स्नो डिटेक्टर और फायर स्प्रिंकलर
-कॉलेज-विश्वविद्यालय के सामने चौड़ी अप्रोच रोड, जहां फायर ब्रिगेड पहुंचने में हो आसानी





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