आबूरोड. मावल वृहत कृषि बहुउद्देश्य सहकारी समिति के तत्वावधान में आयोजित शनिवार को कृषक ऋण माफी शिविर आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द सिरोही सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक राजेन्द्रप्रसाद दायमा ने कहा कि काश्तकार देशरीढ़ की हड्डी है। तकनीकी भारत की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही निर्भर है, लेकिन काश्तकारों को आज भी कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं समेत अन्य परेशानियों से जूझना पड़ता है। चाहे सूखा हो या अतिवृष्ठि फसल फसल खराब होने से नुकसानझेलना पड़ता है। राज्य सरकार ने किसानों को आर्थिक सबल प्रदान करने के लिए कृषक ऋण माफी योजना शुरू की है। जिससे काश्तकारों को काफी लाभ मिलेगी।
आबूरोड प्रधान लालाराम गरासिया, द सिरोही सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के ईओ डॉ. प्रमोदकुमार, आबूरोड तहसीलदार अनूपसिंह, वाइंट रजिस्ट्रार सांख्यिकी रणवीरसिंह, एडी सांखिकी धनाराम, आबूरोड पंचायत समिति के विकास अधिकारी विनित सुखाडिया आदि ने संबोधित किया। सिरोही जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश आर्य ने बताया कि मावल सहकारी समिति में 579 किसान इस योजना के पात्र है, जिनका कुल 1 करोड 55 लाख 6 2 हजार का कर्ज माफ होगा। शिविर के दौरान मावल के 98 किसानों को मौके पर ही 43 लाख 56 हजार रुपएके ऋण माफी प्रमाण पत्र दिए गए।





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