आबूरोड. शहर समेत आस-पास क्षेत्र में आसमान में बादल छाए रहने से रबी की सभी फसलों में एकाएक कीट का प्रकोप बढ़ गया है। बसंत ऋतु शुरू होने के साथ मोयला कीट उडऩे लगा है, खेतों में सरसों की फसल पकने के बाद यह कीट शहर की तरफ आने लगा है। इसने फसलों को तो नुकसान होता है, साथ साथ सड़कों पर दौडऩे वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उपखण्ड क्षेत्र में सरसों की फसल पर इस कीट का प्रभाव स्पष्ट नजर आने के साथ साथ सब्जियों की फसल को भी खराब कर रहा है। इससे काश्तकारों की चिंता बढ़ रही है।
महंगी दवाईयों का छिड़काव
आबूरोड में ज्यादातर क्षेत्र में सरसो, अरण्डी, गेहंू तथा पत्ता गोभी, सरसों, फूल गोभी, टमाटर एवं हरी मिर्च की खेती की जाती है, जिनको मोयला कीट खराब कर रहा है। कीट से बचाव के लिए किसान बाजार से महंगी दवाइयां खरीदकर छिड़काव कर रहे है। इसके बावजूद भी मोयला कीट पीछा नहीं छोड़ रहा है। यह कीट रबी की फसलों को चट कर रहा है। यहीं स्थिति हफ्तें भर तक रही तो रबी की करीब 50 प्रतिशत फसल खराब कर देगा। कीट का जीवनकाल 20 से 40 दिन का होता है। यह कीट सर्वाधिक सरसों को नुकसान पहुंचाता है।
आंख में होता है संक्रमण
वाहन चलाते समय मोयला आंखों में गिर जाता है, जिससे आंख में जलन व सूजन आती हैं। ऐसे में आंख लाल हो जाती है, तथा संक्रमण का अंदेशा बना रहता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ सुनिता थरेजा ने बताया कि कीट गिरने के बाद आंख मसलने के बजाया पानी का छिड़काव करना चाहिए जिससे कीट बाहर निकल जाता है।





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