आबूरोड. रीको थाना क्षेत्र के आबूरोड-अम्बाजी मार्ग पर गुजरात सीमा स्थित छापरी चौकी का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा विडियो खाकी वर्दी को दागदार कर रहा है। इन दिनों शहर के व्हाट्सएप्प ग्रुप में वायरल हो रहे इस विडियो में कुछ पुलिसकर्मी गुजराती पर्यटक वाहनचालक के खिलाफहोने वाली कार्रवाई से बचने के लिए मोलभाव करते दिखाई दे रहे हैं। विडियो कब का है, इसका तो पता नहीं लग सका, लेकिन विडियो में जो स्थान दिखाई दे रहा है, वह छापरी चौकी का ही नजर आया। विडियो में पलंग पर लेटे दो पुलिसकर्मियों व पास खड़े अन्य व्यक्ति के साथ कार्रवाई से बचने के लिएमोलभाव करते सुनाईदे रहे हैं। विडियो में वाहनचालक एक हजार रुपए देने को तैयार है, लेकिन पुलिसकर्मी कभी ढाई हजार तो कभी चार हजार रुपएमांगते नजर आ रहे हैं। हालांकि विडियो में वाहनचालक का अपराध क्या है, विडियो के बीच में शराब की बात भी सुनाई दी।
बिना वर्दीके लोग दिखे वाहनों को रूकवाते हुए
विडियो में जहां पुलिसकर्मी मौल भाव करते नजर आए।वहीं मार्गपर कुछ बिना वर्दीवाले लोग पुलिस की मौजूदगी में ही गुजरात की ओर से आ रहे वाहनों को रूकवाते नजर आए। ऐसे में इन लोगों द्वारा वाहनचालकों से वसूली करने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पूर्व में किया था डिकॉय ऑपरेशन
ज्ञातव्य हो कि गत २२ से २४ जनवरी को पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग के निर्देश पर मुख्यालय की सर्तकता शाखा के दो दलों ने बाडमेर, जालोर व सिरोही जिले की चौकियों में डिकॉय ऑपरेशन किया था। जिसमें रीको की मावल चौकी में तैनात पुलिसकर्मी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईथी। यहां कुछ व्यक्ति सादा वस्त्रों में भी पुलिसकर्मियों के साथ नजर आए।जिस पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सर्तकता) गोविंद गुप्ता ने आदेश जारीकर २३ व २४ जनवरी को मावल चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को तत्काल हटानें व भविष्य में इन्हें स्थाईनाकाबंदी में तैनात नहीं करने के निर्देश दिए गएथे।
बातचीत के कुछ अंश :
व्यक्ति :रिक्वेस्ट कर रहा हूं बाकि आपकी मर्जी (फोन पर बात करते हुए) हजार रुपए होते हैं तो हजार रुपए दे रहा हूं।
पुलिसकर्मी : दो हजार की छूट दी पच्चीस सौ देकर निकल जा।
व्यक्ति : पच्चीस सौ थोड़े ही होता है साहब। हजार रुपएदे रहा हूं ना। राजस्थान तो कोई घूमना नहीं है। गलती हो गया वो हो गया। फिर आपकी मर्जीमैं रिक्वेस्ट कर सकता हूं।जितना चाहिए।
पुलिसकर्मी : मर्जीतेरी चलेगी। तेरी मर्जी होती तो भरकर आ जाएगा। नहीं होगी तो यहां देकर चला जाएगा।
अन्य व्यक्ति :अगर आपको लग रहा है कि हम झूठ बोल रहे तो आप गाड़ी में देख लो।
पुलिसकर्मी : झूठ बोलने से नहीं। हम तो गाड़ी के कागज देखते है।कागज झूठ नहीं बोलते।
व्यक्ति : कर तो अभी सर
पुलिसकर्मी :लेकर आएगा जब करूं
व्यक्ति : मैं दे तो रहा हूं, हजार रुपए
पुलिसकर्मी: हजार में नहीं होगा। बैठ जाओ आराम से सोच लो। घंटा दो घंटा आराम से।
पुलिसकर्मी : जाओ टैक्सी जब्त कर लो।
व्यक्ति : जाने दो ना साहब
पुलिसकर्मी :कर दिया, कर दिया। चार हजार रुपए लेकर आ जा।
(कुछ देर बात करने के बाद )
पुलिसकर्मी : हंसते हुएये भाग गया था तो हम दारू पकडऩे गए। पहले ही हरियाणा की बोतल।अच्छा ये है क्या। मैने तो पहचाना ही नहीं।
व्यक्ति : लास्ट पंद्रह सौ दे दूंगा।
पुलिसकर्मी : लास्ट देवे तो भरकर आजा। यहां तो कुछ नहीं है ठन-ठन गोपाल है। कह दिया तेरे को कि चार कर देते हैं लास्ट तीन दे दे और निकल।फाइनल है फिफ्टी-फिफ्टी
(विडियो के अंत में पुलिसकर्मी पलंग से खड़े हो जाते हैंऔर कुछ व्यक्ति उनको हाथ में कुछ थमाते हैं।जिस पर पुलिसकर्मी पूछता है कितने हैं।)
इन्होंने बताया ...
मुझे इस विडियो की जानकारी नहीं है। आपने बताया है तो मैं पता करवाता हूं क्या मामला है। आगे नियमानुसार कार्रवाईकी जाएगी।
- हीरालाल रजक, पुलिस वृताधिकारी, माउंटआबू





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