मोहम्मद इलियास/उदयपुर
शहर के प्रमुख चौराहों पर लालबत्ती को लेकर नगर निगम ने अपनी आंखों पर काली पट्टी बांध रखी है। टेंडर होने के बावजूद किसी चौराहों की बत्ती नहीं जल रही और ठेका देना वाला निगम मौन है। जिन चौराहे पर लाइट है, वहां वाहन उसके अनुसार चल रहे लेकिन जहां लाइट नहीं, वहां अतिरिक्त जवान खड़े करने के बावजूद यातायात संभल नहीं पा रहर है। आए दिन चौराहों पर वाहन भिडऩे के मद्देनजर यातायात पुलिस ने निगम को कई बार पत्र लिखे गए लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। इधर, ‘बत्ती’ गुल होने के बावजूद ठेकेदार रखरखाव के नाम पर पैसा उठा रहा है।चौराहों पर पूर्व में ट्रैफिक लाइट का काम पीडब्ल्यूडी देखता था। कालान्तमर में सडक़ें नगर निगम को हस्तांतरित होने पर सरकार ने ट्रैफिक लाइट का जिम्मा निगम को दे दिया। शुरुआत में दोनों उलझते रहे और 14 माह तक चौराहे बिना बत्ती के रहे। चार माह पूर्व टेंडर के बावजूद अब चौराहों पर बत्तियां पूरी तरह से जल नहीं पाई हैं।
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ब्लिंकर भी खराब
शहर में कुछ प्रमुख मार्गों एवं तिराहों पर ब्लिंकर लगा रखे है। यह येलो लाइट गति को धीमी कर साइड मिलने पर आगे बढऩे का इशारा करती है, लेकिन मुख्य लाइट के साथ ही सभी ब्लिंकर बंद पड़े है। ये रात को बिजली से एवं दिन में सौर पैनल से चलते हैं। यहां लगे हैं ब्लिंकर - कलक्टर आवास, बंशीपान वाली गली, अस्पताल गेट, आईजी बंगला, जिला न्यायाधीश आवास, कलक्ट्रेट के बाहर, दुर्गा नर्सरी रोड, फतहसागर काला किवाड़ सहित कुल 24 जगह ।
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यह है ट्रैफिक लाइट का ब्योरा
- अब तक पीडब्ल्यूडी के पास था बत्तियों का रखरखाव
- प्रतिवर्ष रखरखाव व नए सामान का ठेका था
- 4.50 से 5 लाख - शुरुआत में पहले लाइट में सामान्य बल्ब व सोलिड एस्टेट (रेडियो के स्वीच) से चलती थी
- वर्ष 2005-06 में एलइडी सिस्टम से लाइट हुई। इसमें कोड व पासवर्ड नम्बर भी डाले गए
- दो वर्ष पूर्व सडक़ें नगर निगम के पास जाने से सरकार ने ट्रैफिक लाइट मेंटनेंस का पैसा कर दिया बंद
- पीडब्ल्यूडी ने लाइट व सामान को उसी हालत में छोडकऱ जिम्मा निगम को दे दिया।
- पीडब्ल्यूडी व निगम आपस में उलझते रहे तब तक 14 माह निकले, एक-एक चौराहा सब में बत्ती बंद हो गई
- 4 माह पहले टेंडर दिया लेकिन अब तक लाइट पूरी तरह से काम नहीं कर पाई
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अतिरिक्त जवान लग रहे प्रतिदिन
यातायात के दबाव वाले चौराहे पर लग रहे- 33 जवान व होमगार्ड - बिना बत्ती के चौराहे से वाहन चालकों व यातायात पुलिस को हो रही परेशानी - यातायात दबाव वाले चौराहे पर रोज भीड़ रहे वाहन
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बिना बत्ती के चौराहे होने से काफी परेशानी हो रही है। अभी प्रमुख आठ में से चार चौराहों पर तो बिल्कुल बंद है। जहां है वहां भी सही नहीं चल रही। इस संबंध में निगम को इन्हें दुरुस्त करने को लेकर कई पत्र लिखे हैं।
रतन चावला, उपाधीक्षक यातायात





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